Bhopal Vidisha 4-लेन की डिटेल, कैबिनेट के लिए प्रपोजल रेडी: Bhopal Metropolitan Update
भोपाल, 10 अगस्त, 2026: भोपाल–विदिशा 4-लेन रोड के लिए प्रपोजल रेडी हो गया है। 11 अगस्त मंगलवार को कैबिनेट की मीटिंग में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। सीएम डॉ मोहन यादव का कहना है कि, वह इसको लेकर काफी उत्साहित है क्योंकि इसके कारण मध्यप्रदेश मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट, मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के नए युग में प्रवेश कर रहा है।
44.83 किलोमीटर का पूरा रोड फोरलेन हो जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल–विदिशा मार्ग को 4-लेन बनाने की महत्वाकांक्षी परियोजना का प्रस्ताव मंगलवार को आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर प्रस्तावित इस परियोजना की कुल लागत ₹1,757 करोड़ 55 लाख है। इसके अंतर्गत 44.83 किलोमीटर लंबे वर्तमान 2-लेन मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित 4-लेन में उन्नत किया जाएगा। मंत्रि-परिषद की स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।
भोपाल विदिशा फोरलेन रोड का रूट
यह मार्ग भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से प्रारंभ होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए एनएच-146 के सांची–सलामतपुर जंक्शन तक जाता है। यह भोपाल, रायसेन और विदिशा जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण क्षेत्रीय मार्ग है। मार्ग पर वर्तमान यातायात लगभग 10,975 पैसेंजर कार यूनिट है, जो 4-लेन मार्ग के लिए निर्धारित 10 हजार पैसेंजर कार यूनिट के मानक से अधिक है। महानगरीय क्षेत्र के विकास और भविष्य में यातायात वृद्धि को देखते हुए इसका 4-लेन उन्नयन आवश्यक है।
परियोजना में कुल 8.25 किलोमीटर लंबाई के तीन बायपास प्रस्तावित हैं:-
1.80 किलोमीटर लंबा सूखी सेवनिया बायपास
1.35 किलोमीटर लंबा बेरखेड़ी बायपास
5.10 किलोमीटर लंबा सलामतपुर बायपास
Bhopal-Vidisha 4-Lane Project Details: Proposal Ready for Cabinet Approval
इन बायपास के निर्माण से आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम होगा, सड़क दुर्घटनाओं की आशंका घटेगी और स्थानीय नागरिकों का आवागमन अधिक सुरक्षित होगा। यह मार्ग भोपाल–कानपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में भी कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल–विदिशा मार्ग यातायात के साथ धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इसके आसपास विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप, संग्रहालय, अशोक स्तंभ, उदयगिरि की गुफाएं और अनेक पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक स्थल मौजूद हैं। यह मार्ग लगभग 24.550 किलोमीटर पर कर्क रेखा से भी गुजरता है, जिससे इसका विशेष भौगोलिक महत्व है।
बेहतर सड़क संपर्क से भोपाल से विदिशा और सांची तक की यात्रा अधिक सुगम होगी तथा कम समय में पूरी की जा सकेगी। इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और स्थानीय कारोबार को प्रोत्साहन मिलेगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा रायसेन, सांची और विदिशा को बायपास करते हुए बनाए जा रहे नवीन 4-लेन मार्ग से जुड़कर यह परियोजना भोपाल, सागर, दमोह, छतरपुर और पन्ना सहित उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।
Bhopal Metropolitan क्षेत्र के लिए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नेटवर्क
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल मेट्रोपोलिटन क्षेत्र को आधुनिक और सुनियोजित स्वरूप देने के लिए राजधानी तथा इसके आसपास के नगरों, औद्योगिक क्षेत्रों, शिक्षण संस्थानों और आर्थिक गतिविधियों के केंद्रों को क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इस कार्ययोजना की प्रमुख परियोजनाएं हैं:-
भोपाल वेस्टर्न बायपास
भोपाल ईस्टर्न बायपास
भोपाल–इंदौर ग्रीनफील्ड
एक्सप्रेस-वे
भोपाल–विदिशा 4-लेन मार्ग
भोपाल ईस्टर्न बायपास
भोपाल वेस्टर्न बायपास को स्वीकृति मिल चुकी है और भोपाल ईस्टर्न बायपास की स्वीकृति की प्रक्रिया प्रचलन में है। दोनों परियोजनाओं के पूरा होने पर शहर में प्रवेश करने वाले और भोपाल से होकर गुजरने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होंगे। इससे शहरी यातायात का दबाव कम होगा और भोपाल के आगामी दशकों के सुव्यवस्थित विस्तार का मजबूत आधार तैयार होगा।
प्रस्तावित भोपाल–इंदौर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे
मध्य प्रदेश के दो प्रमुख मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों के बीच हाई-स्पीड और निर्बाध संपर्क स्थापित करेगा। भोपाल, इंदौर और उज्जैन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से निवेशकों, उद्यमियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और आम नागरिकों को सुविधा मिलेगी। इससे नए औद्योगिक, व्यावसायिक और सेवा क्षेत्र क्लस्टर विकसित होने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
विगत ढाई वर्षों में 29,693 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों के साथ पूरे प्रदेश में सड़क अधोसंरचना के विस्तार और उन्नयन का कार्य तेजी से किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने पिछले ढाई वर्षों में 29,693 किलोमीटर सड़कों का निर्माण एवं उन्नयन पूरा किया है। इससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर संपर्क स्थापित हुआ है तथा सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।
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