Bihar Bridge : विक्रमशिला सेतु पर सभी गाड़ियां कब से चलेंगी? CM सम्राट चौधरी ने बता दी तारीख, नए साल में बड़ी राहत

भागलपुर: विक्रमशिला सेतु से सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि नए साल से विक्रमशिला सेतु पर पहले की तरह सभी गाड़ियों का आवागमन शुरू हो जाएगा। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम अब तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गंगा का जलस्तर लगातार कम हो रहा है और इसी के साथ पुल के स्थायी पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह जानकारी भागलपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। 

1 अक्टूबर से शुरू होगा बड़ा काम

सीएम के मुताबिक, 1 अक्टूबर से विक्रमशिला सेतु पर बने बेली ब्रिज को खोलने और स्थायी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से में स्थायी स्लैब डालने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य है कि 31 दिसंबर तक स्थायी स्लैब ढालने का काम पूरा कर लिया जाए। इसके बाद जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के साथ नए साल में पुल पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पहले की तरह शुरू करने की तैयारी है।यानी अगर काम तय समय के मुताबिक पूरा हुआ तो नए साल में विक्रमशिला सेतु से गुजरने वाले लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।

बेली ब्रिज हटेगा तो कैसे होगी आवाजाही?

विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज के जरिए फिलहाल यातायात को किसी हद तक जारी रखा गया है। लेकिन स्थायी स्लैब का काम शुरू करने के लिए बेली ब्रिज को हटाना जरूरी होगा। ऐसे में निर्माण अवधि के दौरान पुल पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस दौरान लोगों की सुविधा के लिए गंगा के रास्ते वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से जहाज और नावों की सुरक्षात्मक व्यवस्था की जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को नदी मार्ग से आवागमन की सुविधा मिल सके।

पहले 30 नवंबर तक पूरा होना था काम

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले तय कार्यक्रम के अनुसार विक्रमशिला सेतु का काम 30 नवंबर तक पूरा किया जाना था। लेकिन गंगा के जलस्तर में अप्रत्याशित बढ़ोतरी के कारण तय शेड्यूल में बदलाव करना पड़ा। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पुल के नीचे निर्माण कार्य करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। अब जलस्तर में कमी आने के बाद मरम्मत और पुनर्स्थापन के काम को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

चार मई को नदी में गिरा था पुल का स्लैब

दरअसल, 4 मई की मध्यरात्रि विक्रमशिला सेतु के भागलपुर की ओर का एक बड़ा स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया था। यह हिस्सा पुल के पिलर नंबर 133 के आसपास था। करीब 25 मीटर लंबा स्लैब टूटने के बाद पुल पर आवागमन रोक दिया गया था।हालांकि, पुल पर आवाजाही पहले ही रोक दिए जाने के कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। इसके बाद यातायात व्यवस्था को बहाल करने के लिए बीआरओ की मदद से बेली ब्रिज तैयार किया गया था।

नए साल में खत्म होगा इंतजार?

विक्रमशिला सेतु उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। यह पुल भागलपुर के अलावा कटिहार, पूर्णिया, अररिया और किशनगंज समेत कई जिलों के लोगों के लिए बेहद अहम है। व्यापार और रोजमर्रा के आवागमन के लिहाज से भी इसका खास महत्व है।अब मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद लोगों की नजर 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले काम और 31 दिसंबर की डेडलाइन पर है। अगर स्थायी स्लैब का काम तय समय में पूरा हुआ, तो नए साल से विक्रमशिला सेतु पर सभी गाड़ियों की आवाजाही पुराने तरीके से शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, मरम्मत शुरू होने का समय दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों के आसपास रहेगा। ऐसे में उस अवधि में यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था और संभावित यातायात बदलाव के लिए तैयार रहना होगा।