Bihar Liquor Ban: शराबबंदी पर मंत्री मदन सहनी का बड़ा बयान, अब शराब के ब्रांड पर भी होगी कार्रवाई; कंपनियों पर कसेगा शिकंजा

Muzaffarpur News: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद शराब की तस्करी और अवैध कारोबार को लेकर सरकार सख्त रुख अपना रही है। उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री मदन सहनी ने साफ कहा है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों को अब सावधान हो जाना चाहिए। सरकार अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई और तेज करने की तैयारी में है।

मुजफ्फरपुर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री मदन सहनी ने शराबबंदी कानून को लेकर सरकार की नीति और आगे की कार्रवाई पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद कुछ लोग लगातार कानून को चुनौती देते हुए शराब के अवैध कारोबार में लगे हुए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है।

शराब मिली तो अब कंपनी पर भी कार्रवाई

मंत्री मदन सहनी ने शराबबंदी को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही कि अब सिर्फ शराब के अवैध कारोबारियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि बिहार में जिस ब्रांड की शराब पकड़ी जाएगी, उस कंपनी पर भी कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।

मंत्री के इस बयान के बाद शराब की सप्लाई और ब्रांड की पहचान को लेकर कार्रवाई का दायरा बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। सरकार का फोकस अब इस बात पर भी रहेगा कि बिहार में प्रतिबंध के बावजूद शराब किन माध्यमों से पहुंच रही है और इसके पीछे कौन लोग या नेटवर्क काम कर रहे हैं।

मदन सहनी ने कहा कि शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभाग लगातार काम कर रहा है। अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई जारी है। सरकार की कोशिश है कि शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई हो और अवैध शराब के कारोबार को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सके।

2016 से बिहार में लागू है पूर्ण शराबबंदी

बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके तहत राज्य में शराब की बिक्री, खरीद, सेवन और इससे जुड़े अवैध कारोबार पर कानूनी रोक है। सरकार समय-समय पर शराबबंदी कानून को और प्रभावी बनाने के लिए कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करती रही है।

हालांकि, शराबबंदी के बावजूद बिहार के अलग-अलग जिलों में समय-समय पर अवैध शराब की बरामदगी और तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से बिहार में शराब पहुंचाने की कोशिशों पर भी पुलिस और उत्पाद विभाग की नजर रहती है। सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती शराब की अवैध सप्लाई चेन को तोड़ने की है। इसी दिशा में अब ब्रांड और उससे जुड़ी कंपनियों तक कार्रवाई का दायरा पहुंचाने की बात कही जा रही है।

शराब तस्करों को मंत्री की चेतावनी

मंत्री मदन सहनी ने शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोगों को अब सावधान हो जाना चाहिए। सरकार शराबबंदी को लेकर किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।

उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के साथ ही विभागीय राजस्व बढ़ाने को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए गए हैं। मंत्री के बयान से स्पष्ट है कि सरकार शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन को लेकर निगरानी और कार्रवाई दोनों स्तर पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी में है।

अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई पर जोर

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से ही सरकार के सामने इसे जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने की चुनौती रही है। पुलिस और उत्पाद विभाग की ओर से लगातार छापेमारी और बरामदगी की कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद अवैध शराब के नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पाए हैं।

ऐसे में सरकार अब शराब की सप्लाई के स्रोत तक पहुंचने पर जोर दे रही है। मंत्री मदन सहनी के बयान को इसी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। यदि किसी विशेष ब्रांड की शराब बिहार में बरामद होती है तो उसके स्रोत और संबंधित कंपनी की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात कही गई है।

सरकार के काम को आमजन तक पहुंचाने की अपील

मुजफ्फरपुर पहुंचे मंत्री मदन सहनी ने कार्यकर्ताओं से संगठन और सरकार के कामकाज को लेकर फीडबैक भी लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की।

हालांकि, कार्यक्रम के दौरान मंत्री के बयान का सबसे अहम केंद्र बिहार की शराबबंदी व्यवस्था रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए लगातार कदम उठा रही है और कानून तोड़ने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

कुल मिलाकर, मंत्री मदन सहनी का यह बयान बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार की सख्त नीति का संकेत देता है। अब कार्रवाई केवल शराब बेचने या तस्करी करने वालों तक सीमित रहने के बजाय उस ब्रांड और उससे जुड़े नेटवर्क तक पहुंचाने की तैयारी है, जिसकी शराब बिहार में पकड़ी जाती है।