Bihar News: मुजफ्फरपुर पुलिस का ऑपरेशन मुस्कान, 7 महीने में 745 खोए मोबाइल मिले, 2.6 करोड़ की संपत्ति बरामद
मोबाइल फोन चोरी या गुम होने के बाद उसे वापस पाने की उम्मीद अक्सर लोगों में कम हो जाती है, लेकिन मुजफ्फरपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन मुस्कान’ ऐसे लोगों के लिए राहत लेकर आया है। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी जांच और इंटेलीजेंस की मदद से महज सात महीने में 745 लोगों के चोरी, झपटमारी या अलग-अलग कारणों से गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें वापस लौटाने में सफलता हासिल की है। बरामद मोबाइल की कुल कीमत करीब 2.6 करोड़ रुपये बताई गई है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने कहा कि पुलिस इस अभियान को और तेज करने की तैयारी में है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों के खोए हुए मोबाइल वापस मिल सकें।
सात महीने में 745 मोबाइल फोन बरामद
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस ने अपनी विशेष टीम और तकनीकी इंटेलीजेंस के आधार पर वर्ष 2026 की शुरुआत से मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज शिकायतों के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की। अब तक पुलिस 745 लोगों के खोए, चोरी हुए या अन्य कारणों से गुम हुए मोबाइल फोन खोज चुकी है। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 2.6 करोड़ रुपये है। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई घटनाओं से जुड़े हैं। इनमें महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं, छात्र-छात्राओं और कामकाजी लोगों के साथ-साथ पुलिस के जवानों के मोबाइल फोन भी शामिल हैं।
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झपटमार गिरोह से लेकर ड्यूटी के दौरान चोरी हुए फोन तक
पुलिस की जांच में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें मोबाइल फोन झपटमार गिरोह के जरिए चोरी किए गए थे। वहीं कुछ मोबाइल फोन लोगों के ड्यूटी पर रहने के दौरान चोरी या गुम हुए थे। अलग-अलग मामलों में शिकायत मिलने के बाद विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर मोबाइल फोन को ट्रेस करने का काम शुरू किया। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद किए।
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मोबाइल रिकवरी के लिए अलग विंग कर रही काम
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने बताया कि मोबाइल फोन की बरामदगी को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इसके लिए विशेष टीम की एक विंग लगातार इसी दिशा में काम कर रही है। टीम तकनीकी संसाधनों और इंटेलीजेंस के आधार पर चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करती है। एसएसपी ने कहा कि मोबाइल फोन आज आम आदमी की जिंदगी का बेहद अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में किसी व्यक्ति का मोबाइल चोरी या गुम होने से उसे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कई जरूरी कामों में भी परेशानी होती है। पुलिस ने इसे एक चुनौती के तौर पर लिया है और इसी वजह से वर्ष 2026 की शुरुआत से विशेष अभियान पर काम किया जा रहा है।
100 फीसदी रिकवरी तक पहुंचने का लक्ष्य
एसएसपी ने कहा कि अब तक 745 लोगों के मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं और पुलिस का लक्ष्य इस अभियान को और आगे ले जाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस का प्रयास मोबाइल फोन की रिकवरी को 100 फीसदी तक पहुंचाने का है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अभियान को और बूस्ट किया जाएगा और मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी टीम को और सक्रिय किया जाएगा।
लोगों से पुलिस की मदद लेने की अपील
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्र ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन चोरी होने, गुम होने या किसी अन्य कारण से मोबाइल नहीं मिलने पर मामले को नजरअंदाज न करें। लोगों को अपने नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए और पुलिस से मदद लेनी चाहिए। इसके साथ ही पुलिस ने लोगों से CEIR पोर्टल पर भी अपने मोबाइल फोन से जुड़ी जानकारी देकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद तकनीकी टीम मामले को गंभीरता से लेकर मोबाइल फोन को ट्रेस करने का प्रयास करती है। मुजफ्फरपुर पुलिस के अनुसार, ‘ऑपरेशन मुस्कान’ सिर्फ मोबाइल बरामद करने का अभियान नहीं है, बल्कि लोगों की परेशानी कम करने और उन्हें उनकी खोई हुई चीज वापस दिलाकर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाने की कोशिश है। पुलिस आने वाले दिनों में इस अभियान को और प्रभावी बनाने की तैयारी में जुटी है।