Bihar Politics, : ‘JDU नीतीश’ नाम पर विजेंद्र यादव का बड़ा बयान, बोले- इच्छा अच्छी है... लेकिन फैसला पार्टी करेगी

पटना: बिहार की सियासत में इन दिनों जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नाम को लेकर चल रही चर्चा के बीच सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव का बड़ा बयान सामने आया है। पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार झा की ओर से जदयू का नाम बदलकर ‘जदयू नीतीश’ करने की इच्छा जताए जाने पर विजेंद्र यादव ने साफ कर दिया कि किसी नेता की व्यक्तिगत इच्छा अपनी जगह है, लेकिन पार्टी का नाम बदलने का फैसला संगठन के स्तर पर ही होगा।

मीडिया से बातचीत के दौरान जब विजेंद्र यादव से पूछा गया कि पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने जदयू का नाम ‘जदयू नीतीश’ किए जाने की बात कही है, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी अपनी इच्छा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इच्छा अच्छी है, लेकिन जब इस संबंध में पार्टी के सामने कोई प्रस्ताव आएगा, तब पार्टी उस पर फैसला करेगी।

‘इच्छा अच्छी है, लेकिन फैसला पार्टी करेगी’

विजेंद्र यादव के इस बयान को जदयू की अंदरूनी राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। संजय झा की ओर से पार्टी के नाम में नीतीश कुमार का नाम जोड़ने की चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर लगातार अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

विजेंद्र यादव ने इस मुद्दे पर न तो सीधे समर्थन किया और न ही विरोध। उन्होंने गेंद पार्टी के पाले में डालते हुए साफ कर दिया कि किसी एक नेता की इच्छा के आधार पर पार्टी का नाम तय नहीं होगा। प्रस्ताव आने के बाद संगठन इस पर अपना निर्णय लेगा।

रामविलास-लालू-नीतीश के नाम पर चुप रहे विजेंद्र यादव

वहीं, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की उस मांग पर भी विजेंद्र यादव से सवाल किया गया, जिसमें उन्होंने रामविलास पासवान, लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार जैसे बड़े नेताओं के नाम पर जगहों का नाम रखने और उनकी प्रतिमाएं लगाए जाने की मांग की है।

इस सवाल पर विजेंद्र यादव ने कोई स्पष्ट टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देने से खुद को अलग रखा। राजनीतिक गलियारों में उनके इस रुख को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बिहार की राजनीति में रामविलास पासवान, लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार तीनों ही बड़े राजनीतिक चेहरों के तौर पर देखे जाते हैं।

IRCTC मामले में आरोप तय होने पर लालू परिवार पर निशाना

इसके बाद विजेंद्र यादव से आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से जुड़े IRCTC मामले को लेकर भी सवाल किया गया। इस मामले में आरोप तय किए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर विजेंद्र यादव ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि इस बारे में संबंधित लोगों से जाकर पूछा जाना चाहिए। विजेंद्र यादव ने विपक्ष के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें अक्सर राज्य का खजाना खाली होने की बात कही जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “खजाना खाली है, लेकिन अब क्या है, खजाना कहां गया?”

विजेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार इन्हीं लोगों ने किया है और अब उन्हीं लोगों के खिलाफ आरोप तय हो गए हैं। उनके इस बयान के बाद बिहार की सियासत में एक बार फिर भ्रष्टाचार के पुराने मामलों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

वैशाली के मामले पर बोले- जांच चल रही है

वहीं वैशाली में सामने आए मामले को लेकर पूछे जाने पर विजेंद्र यादव ने कहा कि मामला है और उसकी जांच की जा रही है। उन्होंने इस मामले पर विस्तार से कोई टिप्पणी नहीं की और जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात कही। कुल मिलाकर विजेंद्र यादव के ताजा बयानों में एक तरफ जदयू के नाम में ‘नीतीश’ जोड़ने की चर्चा पर संगठन के फैसले की बात सामने आई है, तो दूसरी तरफ IRCTC मामले को लेकर उन्होंने आरजेडी पर सीधा राजनीतिक हमला बोला है। वहीं चिराग पासवान की मांग पर चुप्पी साधकर उन्होंने इस मुद्दे पर फिलहाल कोई स्पष्ट राजनीतिक रुख जाहिर नहीं किया है।

बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में इन बयानों का असर देखने को मिल सकता है, खासकर ‘JDU नीतीश’ नाम की चर्चा को लेकर, क्योंकि यह केवल पार्टी के नाम का सवाल नहीं बल्कि जदयू की राजनीतिक पहचान और नीतीश कुमार की विरासत से भी जुड़ा हुआ मुद्दा है।