Bihar Village Tax: गांवों पर टैक्स विवाद पर बोले CM सम्राट चौधरी- गरीबों पर कर लगाने की खबर निराधार - Haribhoomi
बिहार विधान परिषद के दूसरे दिन गांवों में होल्डिंग टैक्स लगाने का मुद्दा जोर-शोर से उठा। आरजेडी एमएलसी के आरोपों पर सीएम सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि गरीबों पर टैक्स लगाने का कोई प्रावधान नहीं है।
गांवों पर टैक्स विवाद पर बोले CM सम्राट चौधरी- गरीबों पर कर लगाने की खबर निराधार (File Photo)
- Published: 21 Jul 2026, 04:13 PM IST
- Last Updated: 21 Jul 2026, 04:13 PM IST
Bihar Monsoon Session: बिहार विधानमंडल के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन भी सदन की शुरुआत विपक्ष के भारी हंगामे के बीच हुई। इस दौरान विपक्ष ने जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषय उठाए। इसी सिलसिले में बिहार विधान परिषद में ग्रामीण इलाकों में लागू किए जा रहे होल्डिंग टैक्स को लेकर बहस छिड़ गई।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के एमएलसी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने इस टैक्स नीति का विरोध करते हुए सरकार को घेरा, जिस पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में स्थिति साफ की।
RJD एमएलसी ने टैक्स नियमों को बताया 'काला कानून'
सदन में विषय को रखते हुए आरजेडी एमएलसी डॉ. सुनील कुमार सिंह ने गांवों में होल्डिंग टैक्स वसूलने की योजना को सीधे तौर पर जनविरोधी करार दिया। उन्होंने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि बिहार की तकरीबन 76 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, जहां परिवारों की औसतन सालाना कमाई 76 हजार रुपये से भी कम है। ऐसी आर्थिक स्थिति में ग्रामीणों पर 5 हजार रुपये तक का होल्डिंग टैक्स लादना पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने सरकार द्वारा बनाई गई 'ग्राम पंचायत कर, दर और शुल्क नियमावली-2026' को 'काला कानून' की संज्ञा दी। एमएलसी ने तर्क दिया कि जब आज भी राज्य के करोड़ों लोग प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के राशन पर निर्भर हैं, तब पंचायत स्तर पर कर की वसूली करना दमनकारी है। उन्होंने इस फैसले की तुलना ब्रिटिश शासन काल के फैसलों से करते हुए सरकार से इस पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया।
सीएम सम्राट चौधरी का जवाब: गरीबों पर कर लगाने का दावा निराधार
आरजेडी एमएलसी के सवालों पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि गरीबों पर किसी भी प्रकार का नया टैक्स थपे जाने की बात पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान ही नहीं है। सीएम ने कहा कि गांवों में लगाए जाने वाले होर्डिंग्स से जुड़े विषयों पर फिलहाल विचार-विमर्श चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने सदन को याद दिलाया कि राज्य में कचरा प्रबंधन और नल-जल योजना की व्यवस्था के लिए 30-30 रुपये लेने का नियम पहले से ही प्रभाव में है, जिस पर चर्चा हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार द्वारा बनाए गए नियमों में आवश्यकतानुसार संशोधन और बदलाव किए जाएंगे, लेकिन गरीबों पर टैक्स थोपने के लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह आधारहीन हैं।
ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने कैबिनेट ने दिया था फैसला
उल्लेखनीय है कि राज्य की ग्राम पंचायतों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से बिहार कैबिनेट ने 'ग्राम पंचायत कर, दर और शुल्क नियमावली-2026' को मंजूरी प्रदान की थी। इस नई नीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भी होल्डिंग टैक्स का दायरा बढ़ाया जाना है। इस व्यवस्था के पूर्ण रूप से प्रभावी होने के बाद जमीन, हाट-बाजार, उद्योग-धंधों, सिनेमाघरों और होर्डिंग्स जैसे व्यावसायिक क्षेत्रों से कर वसूलने का रास्ता साफ हो जाएगा।