शहजाद पूनावाला ने छोड़ दिया BJP का साथ, वकील से लेकर फायरब्रांड प्रवक्ता तक! कैसा रहा राजनीतिक सफर?
Updated: Friday, July 31, 2026, 12:46 [IST]
Shehzad Poonawalla: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के चर्चित चेहरे और राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह उनका कोई बयान या प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं बल्कि बीजेपी से अलग होना है। 31 जुलाई को ये खबर सामने आई कि शहजाद पूनावाला ने बीजेपी के प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है और पार्टी भी छोड़ दी है। शहजाद ने भाजपा छोड़ने के पीछे निजी कारण का हवाला दिया है। ऐसी चर्चा भी चल रही है कि शायद शहजाद राजनीति से संन्यास ले लें।
हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसी बीच उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट की बायो से भाजपा का जिक्र हटा लिया है, जबकि उन्होंने खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'आजीवन समर्थक' बताया है। ऐसे में लोग यह जानना चाहते हैं कि शहजाद पूनावाला कौन हैं और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा है।
कौन हैं शहजाद पूनावाला?
शहजाद पूनावाला भारतीय राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह पेशे से वकील, राजनीतिक विश्लेषक, कॉलम लेखक और टीवी डिबेट में सक्रिय प्रवक्ता रहे हैं। उनका जन्म 17 अक्टूबर 1987 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई सेंट विन्सेंट हाई स्कूल से करने के बाद उन्होंने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। इसके अलावा उन्होंने MIT स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, पुणे से भी शिक्षा हासिल की।
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शहजाद ने साल 2008 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। वह पार्टी की मीडिया और रिसर्च टीम के साथ काम करने के अलावा एनएसयूआई (NSUI) से भी जुड़े रहे। 2017 में उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। कांग्रेस छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला भाजपा में शामिल हो गए। पार्टी में आने के बाद उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई। वह टीवी चैनलों की बहस, प्रेस कॉन्फ्रेंस और राजनीतिक मुद्दों पर भाजपा का पक्ष रखने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। सोशल मीडिया पर भी वह राष्ट्रीय राजनीति, चुनाव, सरकार की नीतियों और विभिन्न मुद्दों पर लगातार अपनी राय रखते रहे हैं।
इस्तीफे की खबर से बढ़ी चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शहजाद पूनावाला ने भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को अपना इस्तीफा सौंपते हुए निजी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि, अभी तक न तो भाजपा की ओर से ना ही पूनावाला की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।
बता दें, शहजाद पूनावाला राजनीतिक विश्लेषक तेहसीन पूनावाला के छोटे भाई हैं। दोनों भाई अक्सर अलग-अलग राजनीतिक विचारों के कारण चर्चा में रहते हैं। जहां शहजाद भाजपा का पक्ष रखते रहे हैं, वहीं तेहसीन कई मुद्दों पर अलग राजनीतिक राय व्यक्त करते रहे हैं।
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