'पीके पलायन रोकने की जगह युवाओं को बाहर भेज रहे': BJP प्रदेश प्रवक्ता बोले- उद्योगपतियों से संबंध है तो बिहार में फैक्ट्री लगवाएं, मुर्ख न बनाएं - Begusarai News
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को लेकर प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने प्रशांत किशोर के उस बयान पर आपत्ति जताई, जिसमें युवाओं को बाहर नौकरी पर भेजने की बात कही
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नीरज शर्मा ने कहा कि प्रशांत किशोर तो बिहार से पलायन रोकने का दावा करते थे। अब बिहार के युवाओं को 10 हजार रुपए की नौकरी के लिए राज्य से बाहर भेजने की बात कर रहे हैं। ऐसा करके आप जनता को मूर्ख बनाना बंद कीजिए।
प्रशांत किशोर को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट जगत से गहरे संबंध हैं, तो उन्हें उन उद्योगपतियों से बात करके बिहार में ही उद्योग और फैक्ट्रियां लगवानी चाहिए। अगर बिहार में उद्योग लगेंगे, तो यहां के युवाओं को यहीं पर रोजगार मिलेगा और पलायन में कमी आएगी।

प्रशांत किशोर विकास की दिशा को भटका रहे हैं
नीरज शर्मा ने कहा कि बिहार सरकार राज्य के औद्योगिकीकरण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि युवाओं को अपने ही राज्य में सम्मानजनक नौकरी और स्वरोजगार के अवसर मिले।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर खोखले बयानों के जरिए बिहार के विकास की दिशा को भटकाने का काम कर रहे हैं।
पीके ने किए थे ऐलान…

समाज-सरकार मिलकर काम करेंगे तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
भाजपा प्रवक्ता ने बिहार सरकार की ओर से शुरू की गई सरकारी स्कूलों को गोद लेने की पहल का समर्थन किया। उन्होंने इसे शिक्षा के क्षेत्र में जनभागीदारी का एक अभिनव और दूरदर्शी कदम करार दिया।
नीरज शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की साझा नैतिक जिम्मेदारी है। जब समाज और सरकार मिलकर काम करेंगे, तभी सरकारी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
समाज के सहयोग से सरकारी तंत्र मजबूत होंगे
उन्होंने कहा है कि यदि उद्योगपति, सामाजिक संस्थाएं, पूर्व छात्र और जनप्रतिनिधि आगे आकर सरकारी स्कूलों को गोद लेते हैं, तो इससे बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव आएगा। आधुनिक तकनीकों से बच्चे बेहतर ढंग से पढ़ाई कर सकेंगे। गुणवत्तापूर्ण पुस्तकों और खेल सुविधाओं से बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा।
इससे स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाएं अच्छी होंगी। समाज के सहयोग से सरकार की अपनी जिम्मेदारी कम नहीं होती, बल्कि सरकारी तंत्र और अधिक मजबूत होता है।