यूपी BJP में वीडियो कांड वाले उपेंद्र रावत साइड-लाइन: 98 जिला प्रभारियों में दिखा संतोष-तावड़े का फॉर्मूला, पुराने चेहरों की वापसी - Uttar Pradesh News

लखनऊ50 मिनट पहले

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यूपी में भाजपा फुल चुनावी मूड में आ चुकी है। शनिवार को सभी 98 संगठनात्मक जिलों के प्रभारी तय कर दिए गए। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की तरफ से जारी लिस्ट में कई MLC और पूर्व पदाधिकारी शामिल हैं।

पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और महामंत्री विनोद तावड़े ने बीते दिनों लखनऊ प्रवास के दौरान पुराने कार्यकर्ताओं और पूर्व पदाधिकारियों को सक्रिय करने का मंत्र दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव में पुराने अनुभवी कार्यकर्ताओं को सक्रिय नहीं किया तो वे घर बैठे रहेंगे। इससे पार्टी को नुकसान होगा। जिला प्रभारियों की सूची में बीएल संतोष और तावड़े की बात का असर दिखा है।

प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी टीम में शामिल होने से वंचित रहे अधिकांश पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों को जिलों में प्रभारी बनाया है। पूर्व प्रदेश महामंत्री गोविंद नारायण शुक्ला और सुभाष यदुवंश इसके सटीक उदाहरण हैं। गोविंद को प्रदेश मुख्यालय प्रभारी तो सुभाष को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया।

अनूप गुप्ता तीन बार प्रदेश मंत्री रहे हैं। यूपी भाजपा के आईटी विभाग के प्रदेश प्रभारी और कई चुनावों में केंद्रीय प्रबंधन और प्रवास टीम के अहम हिस्सा रहे हैं।

अनूप गुप्ता तीन बार प्रदेश मंत्री रहे हैं। यूपी भाजपा के आईटी विभाग के प्रदेश प्रभारी और कई चुनावों में केंद्रीय प्रबंधन और प्रवास टीम के अहम हिस्सा रहे हैं।

पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक और मानवेंद्र सिंह को जिलों का प्रभार मिला

  • पूर्व प्रदेश महामंत्री अनूप गुप्ता को अयोध्या जिला, अवध के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा को हरदोई, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष संतोष सिंह को उन्नाव, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष त्रयंबक त्रिपाठी को लखनऊ का प्रभारी बनाया।
  • अंबेडकर नगर के पूर्व जिलाध्यक्ष त्रयंबक तिवारी को श्रावस्ती, बनारस के पूर्व महापौर कौशलेन्द्र पटेल को सोनभद्र, पूर्व प्रदेश मंत्री डॉ चंद्रमोहन को संभल, पूर्व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अशोक कटारिया को गाजियाबाद महानगर की जिम्मेदारी दी गई।
  • पश्चिम के पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया को रामपुर और पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक लखीमपुर खीरी का प्रभारी बनाया है। पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी मानवेंद्र सिंह को झांसी जिले का प्रभारी बनाया है।
  • पूर्व प्रदेश मंत्री मीना चौबे को चंदौली, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी को प्रयागराज महानगर, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रंजन उपाध्याय को झांसी महानगर का प्रभारी बनाया है।
विजय बहादुर पाठक भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे हैं। वे लगातार दूसरी बार एमएलसी बने है।

विजय बहादुर पाठक भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे हैं। वे लगातार दूसरी बार एमएलसी बने है।

9 MLC को बनाया जिला प्रभारी

भाजपा ने विधान परिष सदस्य यानी MLC अशोक कटारिया, अनूप गुप्ता, मानवेंद्र प्रताप सिंह, रजनीकांत माहेश्वरी, संतोष सिंह, प्रांशु दत्त द्विवेदी, विजय बहादुर पाठक, अरुण पाठक और धर्मेंद्र सिंह को जिलों में प्रभारी बनाया है।

सीडी कांड से सुर्खियों में आए रावत को जिला भी नहीं मिला

2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बाराबंकी के सांसद रहे उपेंद्र रावत का विदेशी महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में वीडियो सामने आया था। इसके बाद भाजपा ने रावत का टिकट काट दिया था। लेकिन, जून में जारी भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की सूची में उपेंद्र रावत को प्रदेश महामंत्री बनाया गया।

जानकारों का मानना है, केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन बीएल संतोष की इच्छा के विपरीत उपेंद्र रावत को प्रदेश महामंत्री जैसा महत्वपूर्ण पद दिया था। लेकिन चौधरी और धर्मपाल ने उसके बाद उपेंद्र रावत को संगठन में महत्व नहीं दिया है।

अधिकांश प्रदेश महामंत्री को एक क्षेत्र में प्रभारी बनाया है, लेकिन उपेंद्र रावत को किसी क्षेत्र का प्रभारी नहीं बनाया। उपेंद्र को किसी मोर्चा का प्रभारी भी नहीं बनाया है। इतना ही नहीं शनिवार को जारी जिला प्रभारियों की सूची में उपेंद्र रावत को किसी जिले का प्रभारी तक नहीं बनाया गया।

उपेंद्र रावत इस समय भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं।

उपेंद्र रावत इस समय भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं।

पूजा पाल को भी नहीं मिला जिले का प्रभार

  • प्रदेश उपाध्यक्ष पूजा पाल, कृतिका अग्रवाल, आलोक गुप्ता, कृष्ण बिहारी राय, सुरेश मौर्य और राजेश यादव को भी जिले का प्रभारी नहीं बनाया है।
  • प्रदेश मंत्री यतेंद्र शर्मा, विजय शिवहरे, रजनी पांडेय, राहुल वाल्मीकि, अंकुर शर्मा, विजय राजभर, किरण बिंद निषाद, राकेश लोधी, संचिता चौहान, आकांक्षा सोनकर, सुभाषनी जायसवाल और दीपमाला संतोषी को भी जिले का प्रभार नहीं दिया गया है।
सपा से निकाले जाने के बाद पूजा पाल ने भाजपा का दामन थामा था।

सपा से निकाले जाने के बाद पूजा पाल ने भाजपा का दामन थामा था।

चार महीने करना होगा जिलों में प्रवास

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, आगामी दिनों में पार्टी के जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों की संयुक्त बैठक रखी जाएगी। बैठक में उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

विधानसभा चुनाव में समय कम बचा है, इसलिए जिला प्रभारियों को अब लगातार चार महीने जिलों में प्रवास करना होगा। उन्हें महीने में कम से कम तीन से चार बार जिले में रात्रि विश्राम भी करना होगा, ताकि जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के राजनीतिक धरातल की जानकारी जुटा सकें।

अब क्षेत्रवार संगठनात्मक जिले और प्रभारियों की लिस्ट देखिए…

नीरज सिंह पर रायबरेली में खींचतान कम कराने की जिम्मेदारी

  • रायबरेली सांसद राहुल गांधी इन दिनों देश में युवाओं को जोड़ने के लिए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम कर रहे हैं। पार्टी ने उनके क्षेत्र में अपने युवा चेहरे नीरज सिंह को प्रभारी बनाया है। लखनऊ, रायबरेली सहित अवध के कई जिलों में नीरज सिंह के पास युवाओं की बड़ी टीम है।
  • रायबरेली में कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह और विधायक अदिति सिंह के बीच जबरदस्त खींचतान है। विधानसभा चुनाव में टकराव रोकने के लिए नीरज सिंह को वहां भेजा गया है।
नीरज सिंह ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं और एक बैडमिंटन खिलाड़ी भी रहे हैं।

नीरज सिंह ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं और एक बैडमिंटन खिलाड़ी भी रहे हैं।

संगठनात्मक क्षेत्र में ही रखा प्रभार

पार्टी ने जिला प्रभारियों की नियुक्ति में अधिकांश नेताओं को उनके संगठनात्मक क्षेत्र के ही जिलों की जिम्मेदारी दी है। इससे उन्हें जिलों में आसानी से प्रवास करने के साथ ही वहां की जमीनी स्थिति की बेहतर जानकारी होने का फायदा मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी जिला और महानगर का प्रभारी अरुण पाठक को बनाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले के गोरखपुर महानगर की जिम्मेदारी महेश शुक्ला और गोरखपुर जिला की जिम्मेदारी अजय सिंह गौतम को दी गई है। प्रयागराज महानगर का प्रभारी राकेश त्रिवेदी को नियुक्त किया गया है।

जिला प्रभारी सीधे पंकज चौधरी और धर्मपाल को करेंगे रिपोर्ट

सभी नवनियुक्त जिला प्रभारी जिलों में प्रवास कर संगठनात्मक गतिविधियों, अभियान और चुनावी मुद्दे की रिपोर्ट सीधे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को करेंगे। लिहाजा उनका जिले में जिलाध्यक्ष से अधिक बड़ा राजनीतिक कद होगा।

पंकज चौधरी और धर्मपाल की बराबर चली

जिला प्रभारियों की सूची में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह की 50-50 चली है। दोनों के करीबी माने जाने वाले कार्यकर्ताओं को जिला प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

इससे पहले प्रदेश पदाधिकारियों की सूची में भी महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह की पसंद को शीर्ष नेतृत्व ने महत्व दिया था। उनके करीबी माने जाने वाले कई कार्यकर्ताओं को प्रदेश पदाधिकारी बनाया गया था। वहीं, क्षेत्रीय टीमों के गठन में भी धर्मपाल सिंह की भूमिका प्रमुख रही थी।

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