मोदी के स्कूल दोस्त की जमीन पर कब्जा, BJP नेता पर आरोप! PM से मिलकर की CBI जांच की मांग
Sep 13, 2026 10:58 am ISTलाइव हिन्दुस्तान

असगरअली वोहरा ने 8 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर अपने प्लॉट पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत की और पूरे मामले की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच कराने की मांग की।

असगरअली वोहरा ने गुजरात के वडनगर स्थित 'बी एन स्कूल' में पीएम मोदी के साथ पढ़ाई की थी।
मीरा-भायंदर इलाके में अपनी लगभग 2,810 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ दशकों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे 81 साल के असगरअली वोहरा ने अब न्याय पाने के लिए अपने बचपन के सहपाठी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, असगरअली वोहरा ने गुजरात के वडनगर स्थित 'बी एन स्कूल' में पीएम मोदी के साथ पढ़ाई की थी। उन्होंने 8 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर अपने प्लॉट पर हुए अवैध कब्जे की शिकायत की और पूरे मामले की CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जांच कराने की मांग की।
भाजपा के पूर्व विधायक की कंपनी और बिल्डरों पर गंभीर आरोप
मीरा रोड निवासी वोहरा के अनुसार, यह पूरा विवाद भायंदर पूर्व के नवघर स्थित 2,810 वर्ग मीटर की कीमती जमीन से जुड़ा हुआ है।
असगरअली वोहरा ने यह जमीन 1989 में एक रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिए खरीदी थी।
वोहरा का आरोप है कि 2011 में 'स्वयं बिल्डर्स' और बीजेपी के पूर्व विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़ी कंपनी 'सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस' ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया।
आरोप है कि फर्जी और कूट रचित दस्तावेज तैयार कर जमीन को दो हिस्सों में बांटा गया और बिल्डरों के नाम पर उसका मालिकाना हक दिखाया गया। इस मामले में 2015 में FIR भी दर्ज की गई थी, जो फिलहाल अदालत में विचाराधीन है।
PM मोदी से मुलाकात के बाद नगर निगम और प्रशासन हरकत में
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने वोहरा की प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें और प्रेस नोट जारी करते हुए उम्मीद जताई कि पीएम मोदी अपने सहपाठी को न्याय जरूर दिलाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात और उनके सकारात्मक आश्वासन के बाद मीरा-भायंदर नगर निगम (MBMC) प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया है।
नगर निगम प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 16 सितंबर 2026 को आधिकारिक सुनवाई तय की है।
'सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शंस' और 'स्वयं बिल्डर्स' के प्रतिनिधियों को अपने सभी मूल दस्तावेजों के साथ 16 सितंबर की सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
असगरअली वोहरा ने कहा कि राजस्व विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के चक्कर काटने के बाद अब उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप से उन्हें अपनी जमीन वापस मिलेगी और दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच होगी।