Bokaro News : रात के अंधेरे में बालू का खेल बदस्तूर जारी, हरला, चास सहित कई थाना क्षेत्र बने सेफ जोन!
Bokaro News : जिले में रात के अंधेरे में कथित अवैध बालू कारोबार का खेल बदस्तूर जारी है. पुलिस की गश्ती और थाना क्षेत्रों में मौजूदगी के बावजूद बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही पर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का दावा है कि हरला थाना, चिरा चास थाना, चास मुफसिल, सेक्टर 6 और चास थाना क्षेत्र इस धंधे के लिए ‘सेफ जोन’ बन गया है.
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिन रास्तों से कथित तौर पर बालू लदे ट्रैक्टर गुजरते हैं, उनमें से कुछ स्थान संबंधित थाना से महज 200 से 300 मीटर की दूरी पर पर है. इसके बावजूद देर रात होने वाले इस खेल पर कार्रवाई नहीं होने से पुलिस और खनन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं.
दामोदर नदी और भतुआ से बालू उठाने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दामोदर नदी और भतुआ से बालू उठाकर चास-बोकारो के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया जा रहा है. लोगों का आरोप है कि रात के समय ट्रैक्टरों के जरिए बालू की ढुलाई की जाती है. हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अंधेरे के अंधेरे में बालू लदे वाहनों की आवाजाही
स्थानीय लोगों के अनुसार, चीरा चास के पांडेपुर पुल और टीवी टावर के पास लगी बड़ी हैलोजन लाइटें शाम होते ही बंद कर दी जाती हैं. टावर लाइट के भी बंद रहने से इलाके में अंधेरा छा जाता है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसी अंधेरे का फायदा उठाकर रात में बालू लदे ट्रैक्टरों की आवाजाही शुरू हो जाती है.
देर रात तक ट्रैक्टरों के आने-जाने से आसपास रहने वाले लोग परेशान हैं. लेकिन पुलिस खामोश है. लोगों का कहना है कि लगातार वाहनों की आवाजाही से शोर और दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
धंधे में कई सफेदपोश भी शामिल
सूत्रों की मानें तो अवैध बालू कारोबार के पीछे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण है. इतना ही नहीं इस धंधे में कई सफेदपोश भी शामिल है. कुछ लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन पर राजनीतिक दबाव है. वहीं, पुलिस अवैध बालू कारोबार में किसी तरह की मिलीभगत, संरक्षण या राजनीतिक दवाब के आरोपों से इनकार कर रही है.
वीडियो बनाने पर धमकी देने का भी आरोप
स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि कोई इस गतिविधि का वीडियो बनाने या इसकी जानकारी जुटाने का प्रयास करता है तो कथित तौर पर बालू के धंधे से जुड़े लोगों को इसकी खबर मिल जाती है. इसके बाद वीडियो बनाने वालों को कथित तौर पर धमकाया भी जाता है. ऐसे में स्थानीय लोग खुलकर विरोध करने से डरते हैं.
दो जोन में बांटने की चर्चा
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि बालू कारोबारियों ने कथित तौर पर पूरे इलाके को अलग-अलग जोन में बांट रखा है, जिससे रात के समय वाहनों की आवाजाही को संचालित किया जा सके. अब सवाल यह है कि यदि रात में थाना क्षेत्रों के आसपास से लगातार बालू लदे वाहन गुजर रहे हैं, तो पुलिस और खनन विभाग की निगरानी व्यवस्था क्या कर रही है?
क्या इन वाहनों की जांच की जा रही है? यदि बालू वैध तरीके से परिवहन किया जा रहा है तो उनके पास आवश्यक चालान और परिवहन से संबंधित दस्तावेज हैं या नहीं. सारे सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे.