ट्रंप को लगी मिर्ची! BRICS में ईरान-UAE मुलाकात पर बोले-'I don't care'

ब्रिक्स में ईरान-यूएई की बैठक और ट्रंप.
नई दिल्ली में BRICS समिट के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की मीटिंग हुई थी. यह मीटिंग ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग के बीच पश्चिम एशिया में शांति के लिए काफी अहम मानी जा रही है. रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो विरोधी नेताओं के बीच मीटिंग पर टिप्पणी की है. ट्रंप ने कहा कि मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता (‘I don’t care’). यह उन पर निर्भर करता है. यह ठीक है.
ट्रंप ने दोहराया कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ युद्ध इस साल खत्म हो जाएगा, शायद नवंबर में होने वाले US मिडटर्म चुनावों के तुरंत बाद, उन्होंने कहा कि लड़ाई खत्म होने से तेल और गैसोलीन की कीमतों में भारी गिरावट आएगी.
मिडटर्म इलेक्शन से पहले खत्म हो जाएगा युद्ध
ट्रंप ने आयरिश ओपन गोल्फ चैंपियनशिप में रिपोर्टरों से कहा, “ईरान ठीक बाद खत्म हो जाएगा – शायद उससे पहले – लेकिन यह मिडटर्म चुनावों के ठीक बाद खत्म होगा. गैसोलीन की कीमतें बहुत तेजी से गिरने वाली हैं.”
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान एक डील चाहता है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी समझौता उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना चाहिए.
उन्होंने कहा, “मैं आपको यह बताता हूं: ईरान एक डील करना बहुत चाहता है. वे लगातार कॉल कर रहे हैं. वे एक डील करना चाहते हैं. उन्हें सही डील करनी होगी. मैं ऐसी डील नहीं करने जा रहा जो अच्छी न हो.”
ब्रिक्स में ईरान और सऊदी अरब के नेताओं की मुलाकात
यह टिप्पणी तब आई जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान UAE के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की. मीटिंग के दौरान दोनों नेताओं ने बातचीत की.
ईरान इन इंडिया ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के प्रेसिडेंट, डॉ मसूद पेजेशकियन ने BRICS समिट के दौरान UAE के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ मीटिंग और बातचीत की.”
Iranian President Masoud Pezeshkian met with UAE Crown Prince Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan on the sidelines of the BRICS Summit. pic.twitter.com/keBkQ8VIvu
— Iran in India (@Iran_in_India) September 12, 2026
पेजेशकियन ने यह भी कहा कि ईरान को UAE या दूसरे इलाके के देशों से कोई दिक्कत नहीं है. उन्होंने तेहरान के अपने पड़ोसियों के साथ रिश्तों को इस इलाके में US मिलिट्री बेस की मौजूदगी के विरोध से अलग बताया.
ब्रिक्स में रिश्तों में दरार पटी
पेजेशकियन ने रविवार को कहा कि तेहरान का एतराज खाड़ी देशों के बजाय अमेरिका द्वारा पड़ोसी देशों में इलाके के इस्तेमाल पर था. उन्होंने कहा, “तो यह US है जो यहां आया है और बेस बनाए हैं, और उन बेस से वे हमारे बच्चों को शहीद करते हैं, वे हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करते हैं और बमबारी करते हैं, और वे हमारे नेताओं, कमांडरों और लोगों को निशाना बनाते हैं.”
इससे पहले, ब्रिक्स नेताओं ने एकमत से नई दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को अपनाया, जिसमें पश्चिम में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई गई. एशिया में हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने की अपील की गई. घोषणा में आम लोगों और आम इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा, देशों की सॉवरेनिटी और इलाके की एकता का सम्मान करने, और बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए पक्की शांति और स्थिरता पाने के लिए ज्यादा कोशिश करने की अपील की गई.
ये भी पढ़ें- हमने भारत को खो दिया, ट्रंप के बयान का मतलब क्या? गलती का एहसास या नई चाल

अजय विद्यार्थी
कलकत्ता यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रैजुएशन. प्रभात खबर में बतौर सीनियर न्यूज़ एडिटर काम किया. ग्राउंड रिपोर्टिंग और एडिटिंग में करीब 20 सालों से ज्यादा का अनुभव. राजस्थान पत्रिका में चीफ रिपोर्टर रहने के दौरान कई ऐसी स्टोरी की, जिन्हें सराहा गया.
Read More