BSP Politics Update: 'अशोक सिद्धार्थ लें संन्यास तभी आकाश आनंद की होगी वापसी'; मायावती ने रखी बड़ी राजनीतिक शर्त - Haribhoomi
बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी संगठन में वापसी को लेकर एक बेहद बड़ी और सख्त शर्त रखी है। मायावती ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक आकाश आनंद के ससुर और पूर्व एमएलसी अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह संन्यास नहीं ले लेते, तब तक आकाश आनंद को दोबारा बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार नहीं किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और ऐसे में बीएसपी के अंदर चल रही यह खींचतान पार्टी की तैयारियों पर असर डाल रही है।
- Published: 09 Sep 2026, 04:26 PM IST
- Last Updated: 09 Sep 2026, 04:26 PM IST
बहुजन समाज पार्टी में राष्ट्रीय संयोजक के पद से आकाश आनंद को हटाए जाने के बाद अब सियासी सरगर्मियां और बढ़ गई हैं। हाल ही में मायावती ने लखनऊ में पार्टी की राष्ट्रीय स्तर की बैठक के दौरान आकाश आनंद को अपरिपक्व बताते हुए सभी अहम जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था। अब सामने आई ताजा अपडेट के मुताबिक, मायावती ने आकाश आनंद की मुख्यधारा में वापसी के लिए उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ की भूमिका पर पूर्ण विराम लगाने की शर्त रख दी है।
ससुर अशोक सिद्धार्थ के संन्यास की शर्त: मायावती का सीधा संदेश
मायावती ने स्पष्ट किया कि जब तक अशोक सिद्धार्थ सक्रिय राजनीति को पूरी तरह अलविदा नहीं कह देते, तब तक आकाश आनंद के पार्टी में मुख्य पदों पर लौटने की कोई गुंजाइश नहीं है। मायावती का आरोप है कि अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव और हस्तक्षेप के कारण ही आकाश आनंद के राजनीतिक फैसलों में भटकाव आ रहा था, जिससे पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और आगामी चुनावों की तैयारियों पर विपरीत असर पड़ रहा था।
अगस्त में अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से किया गया था निष्कासित
इससे पहले अगस्त 2026 में ही मायावती ने पार्टी विरोधी गतिविधियों, गुटबाजी और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों में अशोक सिद्धार्थ को बीएसपी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। मायावती ने उस समय भी सख्त लहजे में कहा था कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी नेता या रिश्तेदार को पार्टी हितों के खिलाफ काम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
तीसरी बार पद से हटाए गए आकाश आनंद: 'राजनीतिक परिपक्वता' का हवाला
31 वर्षीय आकाश आनंद को मायावती ने बीते 3 सितंबर 2026 को तीसरी बार मुख्य राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाया था। मायावती ने अपने भाषण में कहा था कि विरोधी दल शाम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल कर पार्टी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, और ऐसे में आकाश आनंद को राजनीति में और अधिक समझदारी व परिपक्वता हासिल करने की जरूरत है। हालांकि, उन्हें पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम करने की अनुमति दी गई थी।
2027 यूपी चुनाव से पहले बीएसपी के भीतर घमासान
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं और ऐसे में बीएसपी के अंदर चल रही यह खींचतान पार्टी की तैयारियों पर असर डाल रही है। एक तरफ मायावती ने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को भी पार्टी कैडर के बीच पेश किया है, वहीं दूसरी तरफ आकाश आनंद की किस्मत अब पूरी तरह उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति छोड़ने के फैसले पर टिक गई है।