CCMP रजिस्ट्रेशन के विरोध में IMA का आंदोलन, वर्धा में 24 घंटे हॉस्पिटल और सोनोग्राफी केंद्र रहे बंद| Navbharat Live
Updated On: Aug 05, 2026 | 11:52 AM IST
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सार
Protest Against CCMP Registration के विरोध में IMA ने वर्धा में 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं बंद रखीं। कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर प्रस्ताव वापस लेने और चिकित्सा मानक बनाए रखने की मांग की।

IMA ने CCMP रजिस्ट्रेशन का किया विरोध (सोर्स: AI)
विस्तार
IMA Protest Against CCMP Registration: वर्धा में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की जिला शाखा ने महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में CCMP पाठ्यक्रम पूरा कर चुके BHMS डॉक्टरों को पंजीकरण देने के प्रस्ताव के विरोध में 24 घंटे का सांकेतिक आंदोलन किया।
महाराष्ट्र IMA के आह्वान पर जिले के अधिकांश निजी अस्पताल और सोनोग्राफी केंद्र बंद रहे, जिससे मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि, मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं, आईसीयू, ट्रॉमा, प्रसूति और अन्य जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं पहले की तरह जारी रखी गईं। आंदोलन के दौरान IMA प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।
डॉक्टरों का क्या है कहना?
ज्ञापन में IMA ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति (एलोपैथी) वैज्ञानिक अनुसंधान, लंबी चिकित्सा शिक्षा, अनिवार्य इंटर्नशिप और अस्पताल प्रशिक्षण पर आधारित है। ऐसे में केवल अल्पकालिक CCMP कोर्स पूरा करने वाले BHMS चिकित्सकों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण देना चिकित्सा शिक्षा के और मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।
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संगठन ने बताया कि इस विषय पर IMA, MARD, ASMI और अन्य चिकित्सा संगठनों ने पहले भी कई बार शासन का ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
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क्या है IMA की मांग?
IMA ने मांग की कि CCMP आधारित पंजीकरण का प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए और आधुनिक चिकित्सा का अभ्यास केवल विधिसम्मत रूप से प्रशिक्षित एवं पंजीकृत MBBS चिकित्सकों तक सीमित रखा जाए। संगठन ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसे नीतिगत निर्णय लेने से पहले मान्यता प्राप्त चिकित्सा संगठनों से व्यापक चर्चा की जाए।
IMA वर्धा के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सुने और सचिव डॉ. विवेक चाकोले ने कहा कि यह आंदोलन किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य, मरीजों की सुरक्षा और आधुनिक चिकित्सा शिक्षा के उच्च मानकों की रक्षा के उद्देश्य से किया गया है।
