पाकिस्तान की हताशा पर कमेंट करने का कोई मतलब नहीं, अमेरिकी CDA को समन पर विदेश मंत्रालय
Aug 21, 2026 11:03 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
सर्जियो गोर के बयान के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब किया था। पाकिस्तान ने गोर की टिप्पणी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने को खारिज किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल।
भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की आपत्ति पर कड़ा जवाब दिया है। इस्लमाबाद ने भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर की जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणी पर अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब किया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान की इस कार्रवाई को लेकर टिप्पणी करने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'मुझे पाकिस्तान की झुंझलाहट पर टिप्पणी करने का कोई कारण नहीं दिखता।' अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर की यात्रा के दौरान कहा था कि यह केंद्र शासित प्रदेश भारत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सर्जियो गोर के बयान के कुछ ही घंटे बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब किया था। पाकिस्तान ने गोर की टिप्पणी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने को खारिज कर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताए जाने को पूरी तरह अस्वीकार करता है। इसके जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर भारत का रुख फिर स्पष्ट किया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश हैं और हमेशा भारत का अभिन्न व अविभाज्य हिस्सा रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर अस्थायी ढांचों को हटाया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत और पाकिस्तान के बीच हाल में हुए एक और घटनाक्रम पर भी जानकारी दी। उन्होंने दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर कुछ अस्थायी और अनधिकृत ढांचों को हटाए जाने के बारे में बताया। जायसवाल के मुताबिक, इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के बाहर पाकिस्तान ने सुरक्षा बैरिकेड और पार्किंग से जुड़े खंभे हटा दिए थे। भारत ने इस मामले में पहले पाकिस्तान से अपील की थी, लेकिन जब वहां से कुछ ढांचे हटा दिए गए तो भारत ने भी कार्रवाई की। दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर सड़क की लेन में बने कुछ अस्थायी ढांचों को भारतीय एजेंसियों ने हटा दिया। भारत ने इस कार्रवाई को पाकिस्तान की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया कदम बताया है।
भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध पहले से ही बेहद तनावपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच हालिया विवादों ने रिश्तों में और कड़वाहट बढ़ाई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से भारतीय उच्चायोग के बाहर की गई कार्रवाई और उसके बाद दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर अनधिकृत ढांचों को हटाने की कार्रवाई इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच हुई। भारत और पाकिस्तान के संबंध उस समय और खराब हो गए थे, जब भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया था। भारत का कहना है कि यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ की गई थी।
