​CEC Gyanesh Kumar Lucknow Visit: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में छात्रों से किया संवाद - Haribhoomi

​भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लखनऊ के ऐतिहासिक कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज में छात्रों के साथ प्रेरक संवाद किया। उन्होंने अपने छात्र जीवन की यादें साझा करते हुए युवाओं को लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी, ईवीएम की विश्वसनीयता और फेक न्यूज से सतर्क रहने का संदेश दिया।

Chief Election Commissioner of India Gyanesh Kumar interacting with students in Lucknow.

भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार लखनऊ में छात्रों से संवाद करते हुए।

  • Published: 24 Aug 2026, 03:03 PM IST
  • Last Updated: 24 Aug 2026, 03:11 PM IST

लखनऊ : भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने दो दिवसीय लखनऊ दौरे के दौरान ऐतिहासिक कॉल्विन तालुकेदार्स कॉलेज के अवध हॉल में विद्यार्थियों के साथ प्रेरणादायक संवाद किया। इस दौरान उन्होंने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए भारतीय लोकतंत्र, चुनावी प्रक्रिया की विशालता, ईवीएम की विश्वसनीयता, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज से सतर्कता और युवा मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।

​1979 के छात्र जीवन और गुरुओं के योगदान को किया याद
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने वर्ष 1979 के अपने छात्र जीवन, अपने शिक्षकों और विद्यालय से जुड़ी यादों को ताजा करते हुए कहा कि आज वे जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें उनके विद्यालय और गुरुओं का अमूल्य योगदान रहा है। उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद का भी समान महत्व है और विद्यार्थियों को दोनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहिए।

​अमेरिका जाने के बजाय चुनी मातृभूमि की सेवा
अपने प्रशासनिक सफर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि अमेरिका जाने की तैयारी के दौरान उनकी माताजी की प्रेरणा और मातृभूमि के प्रति लगाव ने उन्हें देश में रहकर जनसेवा करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर केरल कैडर से प्रशासनिक सेवा की शुरुआत की। इसी जनसेवा की यात्रा ने उन्हें आज विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के महत्वपूर्ण दायित्व तक पहुंचाया है।

​ईवीएम की तकनीकी सुरक्षा और 100 करोड़ मतदाताओं की ताकत
भारतीय चुनाव व्यवस्था का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देश में करीब 100 करोड़ मतदाता हैं और इतने बड़े स्तर पर चुनाव कराना एक विशाल और चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे चुनाव आयोग संविधान और निर्धारित नियमों के तहत निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से संपन्न कराता है।

​ईवीएम से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय ईवीएम सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा तैयार की जाती हैं और इनमें किसी भी तरह का इंटरनेट, ब्लूटूथ या वाई-फाई कनेक्शन नहीं होता, जिससे ये पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया के दौर में भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने और किसी भी खबर को साझा करने से पहले उसके स्रोत की जांच करने की सलाह दी।

​अनुच्छेद 326 और युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं से मतदाता बनने और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश के लोकतांत्रिक भविष्य की सबसे बड़ी ताकत हैं।

​संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने भी चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से उत्तर दिया। इस अवसर पर लखनऊ के जिलाधिकारी विशाल जी, कॉलेज के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।