मर्सिडीज में बारूद लगाकर उड़ाया, टारगेट पर रूसी ड्रोन फैक्टरी का CEO!
रूस में ड्रोन निर्माण से जुड़ी एक प्रमुख कंपनी के CEO पर जानलेवा हमला हुआ है. रूस की सेना के लिए एफपीवी ड्रोन बनाने वाली कंपनी यूरालड्रोनज़ावोद के CEO व्लादिमीर तकाचुक की हत्या की कोशिश की गई है और उनकी मर्सिडीज कार को निशाना बनाया गया है.
बुधवार को येकातेरिनबर्ग के पास बोल्शोय इस्तोक इलाके में उनकी मर्सिडीज कार में जोरदार विस्फोट हुआ. धमाका इतना तेज था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. गंभीर रूप से घायल तकाचुक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है. इस हमले में उनके ड्राइवर की मौत हो गई है.
ये धमाका तब हुआ है जब उस मर्सिडीज कार में ब्लास्ट हुआ, जिसमें वे जा रहे थे. व्लादिमीर तकाचुक को रूस की यूराल ड्रोन फैक्ट्री का प्रमुख बताया जा रहा है, जो रूसी सेना के लिए 'उपिर' (Upyr) FPV ड्रोन बनाती है. इस ड्रोन का इस्तेमाल हथियारबंद वाहनों को उड़ाने के लिए किया जाता है.
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ये ड्रोन यूक्रेन युद्ध में व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार के नीचे विस्फोटक लगाया गया था और धमाका उस समय हुआ जब मर्सिडीज कार स्पीड में थी.
Vladimir Tkachuk, CEO of Ural Drone Factory (Uraldronzavod) and developer of Russia's Upyr FPV attack drone, was critically wounded in a suspected car bombing near Yekaterinburg.
An explosive device planted beneath his Mercedes detonated in Bolshoy Istok, destroying the vehicle.… pic.twitter.com/6sm7uuzAmw
— Tabz (@TabzLIVE) August 5, 2026
हमले के पीछे किसका हाथ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. रूसी एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है. यूक्रेन की ओर से भी इस घटना पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
रूस के मिसाइल हमलों में 17 लोगों की मौत
इस बीच बुधवार रात कीव और उसके आस-पास के इलाकों में रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों में 17 लोगों की मौत हो गई और 44 लोग घायल हो गए. इन हमलों में कई बिजनेस और एक रेलवे स्टेशन को भारी नुकसान पहुंचा.
यूक्रेन के ज़ेलेंस्की ने बताया कि जिन जगहों को निशाना बनाया गया, उनमें एक शराब बनाने वाली कंपनी, निर्माण सामग्री का गोदाम और एक मेल सॉर्टिंग ऑफिस शामिल था; इन जगहों का युद्ध से कोई लेना-देना नहीं था.
लेकिन रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इन बिजनेस का सेना से संबंध था. लगभग दो घंटे तक चले ये रात के हमले, रूस की ओर से बड़े पैमाने पर की जा रही बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की कड़ी का हिस्सा थे, जो इस गर्मी में लगभग रोज़ की बात हो गई है.
इन तेज़ हमलों का मकसद यूक्रेन में अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम के लिए इंटरसेप्टर मिसाइलों की भारी कमी का फायदा उठाना है. पैट्रियट सिस्टम ही यूक्रेन के पास मौजूद एकमात्र ऐसा एयर डिफेंस हथियार है जो बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है. ज़ेलेंस्की ने दूसरे देशों से और ज़्यादा गोला-बारूद भेजने की अपील की है, क्योंकि ईरान युद्ध के कारण इनकी कमी हो गई है.
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