कौन बनेगा राम मंदिर का CEO? मैदान में 2300 से ज्यादा दावेदार... डिग्री के साथ ईमानदारी और साख की भी होगी परीक्षा

राम मंदिर के निर्माण के बाद अब ट्रस्ट का फोकस मंदिर के संचालन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने पर है. इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की तलाश में जुटा है. इस पद के लिए 18 जुलाई तक करीब 2300 आवेदन आ चुके हैं. अब असली परीक्षा शुरू हो गई है.

सूत्रों के मुताबिक, आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 18 जुलाई थी. अंतिम दिन तक करीब 2300 उम्मीदवारों ने इस पद के लिए आवेदन किया. हालांकि ट्रस्ट ने अभी आधिकारिक संख्या जारी नहीं की है, लेकिन आवेदनों की छंटनी का काम शुरू हो चुका है. मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर देशभर में दिलचस्पी बनी हुई है.

इस पद के चयन के लिए ट्रस्ट ने तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया है. इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे शामिल हैं. यही समिति पूरी चयन प्रक्रिया की निगरानी करेगी और अंतिम तौर पर ट्रस्ट को योग्य उम्मीदवारों के नाम सौंपेगी.

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पहले होगी छंटनी, फिर इंटरव्यू

राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है. इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे शामिल हैं. लेकिन 2300 से ज्यादा आवेदन एक-एक करके समिति नहीं देखेगी. इसके लिए सचिव स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है. वही पहले सभी आवेदनों की जांच करेंगे और योग्य उम्मीदवारों की सूची तैयार करेंगे. इसके बाद चयन समिति आगे की प्रक्रिया संभालेगी.

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अगर आपको लगता है कि अच्छी डिग्री और बड़ा प्रशासनिक अनुभव ही इस पद तक पहुंचा देगा, तो ऐसा नहीं है. सूत्रों के मुताबिक, इस बार उम्मीदवारों की ईमानदारी, सर्विस रिकॉर्ड, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, वित्तीय पारदर्शिता और बड़े संस्थानों को चलाने का अनुभव भी बारीकी से देखा जाएगा. यही नहीं, यह भी परखा जाएगा कि उम्मीदवार धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील संस्थान को संभालने की समझ रखता है या नहीं. आखिर यह कोई सामान्य सरकारी दफ्तर नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा संस्थान है.

क्यों अहम है यह नियुक्ति?

राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है. ऐसे में मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं, श्रद्धालुओं की सुविधा, वित्तीय प्रबंधन, सुरक्षा, विभिन्न परियोजनाओं का संचालन और ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए एक सक्षम मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जरूरत महसूस की जा रही है. 

सीईओ की भूमिका ट्रस्ट और उसके प्रशासनिक ढांचे के बीच कोऑर्डिनेशन के साथ विभिन्न समितियों, सरकारी एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बनाए रखने की होगी. शुरुआती जांच पूरी होने के बाद चुने गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. इसके बाद चयन समिति तीन नामों का पैनल तैयार करेगी. यही तीन नाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भेजे जाएंगे और फिर उनमें से एक उम्मीदवार को नया CEO बनाया जाएगा.

22 जुलाई की बैठक पर भी नजर

सीईओ चयन प्रक्रिया ऐसे समय में तेज हुई है, जब 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक भी होनी है. इस बैठक में ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के पुनर्गठन, पूर्व बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होनी है. हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सीईओ चयन पर अंतिम फैसला इस बैठक में होना तय नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि चयन प्रक्रिया की प्रगति पर जरूर चर्चा हो सकती है.

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