कौन हैं राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO जितेंद्र मिश्रा? कारगिल के हीरो से मंदिर प्रबंधन तक ऐसा रहा सफर
Published: Wednesday, September 2, 2026, 17:27 [IST]
Ram Mandir Trust CEO: राम मंदिर ट्रस्ट को अब अपना पहला पूर्णकालिक CEO मिल गया है। भारतीय वायुसेना के पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। खास बात यह है कि ट्रस्ट के इतिहास में पहली बार किसी पूर्व सैन्य शीर्ष अधिकारी को यह कमान मिली है। जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर करीब 38 साल का रहा है।
वह फाइटर पायलट के साथ-साथ कई अहम सैन्य पदों पर रह चुके हैं। कारगिल युद्ध में मिराज-2000 के ऑपरेशन से लेकर रणनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक उनका लंबा अनुभव रहा है।
कारगिल युद्ध में निभाई थी अहम भूमिका
जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के उन अधिकारियों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान वह उस तकनीकी टीम का हिस्सा थे, जिसने मिराज-2000 विमानों में लेजर गाइडेड बमों को इंटीग्रेट करने का काम किया था। इन हथियारों की मदद से दुश्मन के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। टाइगर हिल और मुंथो ढालो जैसे इलाकों में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई ने युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी।
38 साल से ज्यादा का शानदार सैन्य करियर
पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम ज्वाइन की थी। अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने 3000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। वह 18 से अधिक तरह के फाइटर जेट, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर उड़ा चुके हैं। इसके अलावा वह फाइटर कॉम्बैट लीडर और एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट भी रहे। उनकी सेवाओं के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक जैसे सम्मान मिल चुके हैं।
कई बड़े सैन्य पदों की संभाली कमान
जितेंद्र मिश्रा का अनुभव सिर्फ फाइटर पायलट तक सीमित नहीं रहा। वह भारतीय वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रह चुके हैं। इसके अलावा इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में ऑपरेशंस और ट्रेनिंग के डिप्टी चीफ की जिम्मेदारी भी संभाली। वह एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट के कमांडेंट भी रहे। बरेली की 15 विंग और पठानकोट की 18 विंग जैसे अहम एयरबेस की कमान भी उनके पास रही है।
विदेशों में भी हासिल की रणनीतिक ट्रेनिंग
जितेंद्र मिश्रा की शिक्षा और ट्रेनिंग भी काफी खास रही है। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला और वायुसेना अकादमी, डुंडीगल के छात्र रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज से उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण हासिल किया। ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में भी उन्होंने आधुनिक रणनीति और सुरक्षा से जुड़ी पढ़ाई की। यानी उनके पास सैन्य ऑपरेशन के साथ-साथ रणनीतिक योजना और बड़े संस्थानों को मैनेज करने का भी अनुभव है।
अब राम मंदिर प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी
राम मंदिर के लगातार बढ़ते विस्तार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ट्रस्ट को अनुभवी प्रशासक की जरूरत थी। इसी को ध्यान में रखते हुए जितेंद्र मिश्रा को CEO की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी नियुक्ति के लिए गठित चयन समिति ने 16 योग्य उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद छह नामों का पैनल तैयार किया था। इनमें पूर्व आईएएस अधिकारी दिनेश चंद्र और योगेश्वर मिश्रा जैसे नाम भी शामिल थे। आखिरकार ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लगाई।
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