CET Exam Date Change: राजस्थान CET की नई तारीखें जारी

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने CET सीनियर सेकेंडरी और ग्रेजुएशन लेवल, दोनों परीक्षाओं की प्रस्तावित तारीखों में बदलाव कर दिया है। निकाय और पंचायत चुनाव की व्यवस्थाओं के चलते लिया गया यह फैसला प्रदेश के 40 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को सीधे प्रभावित करेगा।

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड यानी RSSB ने CET Exam Date Change को लेकर बड़ा फैसला लिया है। बोर्ड की समान पात्रता परीक्षा की दोनों स्तर की परीक्षाओं की तारीखें अब आगे बढ़ा दी गई हैं। इससे प्रदेशभर के उन सभी अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, जिन्होंने इन परीक्षाओं के लिए आवेदन किया था।

Table of Contents

  • CET परीक्षा क्या है और क्यों जरूरी है
  • RSSB ने क्यों बदली परीक्षा की तारीख
  • CET सीनियर सेकेंडरी लेवल की नई तारीख
  • CET ग्रेजुएशन लेवल जनवरी 2027 में
  • 40 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को मिलेगा तैयारी का समय
  • न्यूनतम पात्रता और सर्टिफिकेट वैधता में भी बदलाव
  • तारीख बढ़ने से तैयारी को लेकर क्या चुनौती
  • निकाय चुनाव का असर सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित नहीं
  • पहले भी बदल चुकी हैं RSSB परीक्षाओं की तारीखें
  • पूरा नया शेड्यूल एक नजर में

CET परीक्षा क्या है और क्यों जरूरी है

समान पात्रता परीक्षा यानी CET, राजस्थान में सरकारी नौकरियों के लिए एक तरह की प्रारंभिक छनाई परीक्षा है। इसे पास करने वाले अभ्यर्थी ही आगे विभिन्न विभागों की भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन कर पाते हैं।

CET दो स्तर पर होती है, सीनियर सेकेंडरी लेवल और ग्रेजुएशन लेवल। सीनियर सेकेंडरी लेवल की CET उन पदों के लिए मान्य होती है जिनकी न्यूनतम योग्यता 12वीं पास है, जबकि ग्रेजुएशन लेवल की CET स्नातक स्तर के पदों के लिए जरूरी होती है। एक बार यह परीक्षा पास करने के बाद अभ्यर्थियों को हर भर्ती के लिए अलग से पात्रता परीक्षा नहीं देनी पड़ती, इसी वजह से लाखों अभ्यर्थी हर साल इसमें शामिल होते हैं।

पटवारी, कनिष्ठ सहायक, ग्राम विकास अधिकारी जैसे कई पदों की भर्ती के लिए CET पास करना पहली शर्त होती है। इसके बाद ही अभ्यर्थी उस विशेष पद के लिए होने वाली मुख्य भर्ती परीक्षा में शामिल हो पाते हैं। यही वजह है कि CET को राजस्थान की सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले हर अभ्यर्थी के लिए एक अनिवार्य पड़ाव माना जाता है।

RSSB ने क्यों बदली परीक्षा की तारीख

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के चेयरमैन आलोक राज के अनुसार, प्रदेश में फिलहाल निकाय और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे चुनावों के दौरान वोटिंग, गिनती और सुरक्षा व्यवस्था जैसे कामों में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगती है।

परीक्षा आयोजन के लिए भी उतने ही बड़े स्तर पर स्टाफ और अधिकारियों की जरूरत होती है। दोनों जिम्मेदारियां एक साथ निभाना मुश्किल होता, इसलिए चुनावी प्रक्रिया और परीक्षा आयोजन की व्यवस्थाओं को देखते हुए बोर्ड ने दोनों CET परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

CET Exam Date Change

CET सीनियर सेकेंडरी लेवल की नई तारीख

बोर्ड की ओर से सबसे पहले CET सीनियर सेकेंडरी लेवल की परीक्षा की तारीख में बदलाव किया गया है। यह परीक्षा पहले 23 से 25 अक्टूबर के बीच आयोजित होनी प्रस्तावित थी।

अब इसे आगे बढ़ाकर 1 से 3 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित कराने का फैसला किया गया है। इस परीक्षा के लिए प्रदेशभर से करीब 24 लाख 50 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, जो इस बदलाव से सीधे प्रभावित होंगे।

CET ग्रेजुएशन लेवल जनवरी 2027 में

CET ग्रेजुएशन लेवल की परीक्षा भी अब पहले निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिसंबर में नहीं होगी। यह परीक्षा पहले 1 से 3 दिसंबर 2026 के बीच प्रस्तावित थी, यानी सीनियर सेकेंडरी परीक्षा की नई तारीख से टकरा रही थी।

इस टकराव को टालने के लिए कर्मचारी चयन बोर्ड ने ग्रेजुएशन लेवल परीक्षा को जनवरी 2027 के दूसरे से तीसरे सप्ताह के बीच कराने का फैसला लिया है। इस परीक्षा के लिए करीब 17 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

40 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों को मिलेगा तैयारी का समय

CET सीनियर सेकेंडरी और ग्रेजुएशन लेवल को मिलाकर कुल 40 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा की तारीख आगे बढ़ने के बाद अभ्यर्थियों के पास अब सिलेबस दोहराने, मॉक टेस्ट देने और कमजोर विषयों पर काम करने के लिए अतिरिक्त समय रहेगा।

सीनियर सेकेंडरी स्तर के अभ्यर्थियों को करीब एक महीने से ज्यादा का एक्स्ट्रा समय मिल जाएगा, जबकि ग्रेजुएशन लेवल के अभ्यर्थियों के पास तो डेढ़ महीने से भी ज्यादा का अतिरिक्त समय होगा। यह उन अभ्यर्थियों के लिए खास तौर पर फायदेमंद रहेगा जो पहले ही रीट, पटवारी जैसी अन्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में व्यस्त थे और समय की कमी महसूस कर रहे थे।

न्यूनतम पात्रता और सर्टिफिकेट वैधता में भी बदलाव

तारीख बदलने के साथ ही बोर्ड ने CET से जुड़े दो और महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। पहला, परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम पात्रता अंक 40% तय किए गए हैं।

दूसरा और अहम बदलाव यह है कि CET सर्टिफिकेट की वैधता अवधि अब सिर्फ 1 साल की बजाय 3 साल कर दी गई है। इसका मतलब है कि एक बार CET पास करने वाले अभ्यर्थी अगले तीन साल तक विभिन्न भर्तियों में इस सर्टिफिकेट के आधार पर आवेदन कर सकेंगे, जिससे उन्हें बार-बार यह परीक्षा देने से राहत मिलेगी।

पहले सिर्फ एक साल की वैधता होने के कारण कई अभ्यर्थियों को हर साल दोबारा CET देना पड़ता था, भले ही वे पहले ही इसे पास कर चुके हों। इससे न सिर्फ अभ्यर्थियों पर बार-बार तैयारी का दबाव बनता था, बल्कि बोर्ड को भी हर साल एक जैसी बड़ी परीक्षा दोबारा आयोजित करनी पड़ती थी। वैधता तीन साल होने से अब यह दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा और अभ्यर्थी अपनी ऊर्जा मुख्य भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में लगा सकेंगे।

तारीख बढ़ने से तैयारी को लेकर क्या चुनौती

परीक्षा टलने का फायदा जितना है, उतनी ही एक चुनौती भी अभ्यर्थियों के सामने खड़ी होती है। लंबे समय तक एक ही स्तर की तैयारी में लगातार जुटे रहना और मानसिक रूप से तैयारी की गति बनाए रखना आसान नहीं होता।

बार-बार परीक्षा की तारीख बदलने से कई बार अभ्यर्थियों की तैयारी की लय टूट जाती है। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अतिरिक्त समय को सिलेबस दोहराने, पुराने पेपर हल करने और कमजोर विषयों पर फोकस करने में लगाया जाए, बजाय इसके कि इसे सिर्फ आराम का समय माना जाए।

अतिरिक्त समय का सही इस्तेमाल करने के लिए अभ्यर्थी एक तय रूटीन बना सकते हैं, जिसमें रोजाना कम से कम एक मॉक टेस्ट देना और उसकी गलतियों का विश्लेषण करना शामिल हो। जिन विषयों में अभी भी कमजोरी महसूस हो रही है, उन्हें बढ़े हुए समय में प्राथमिकता से पूरा करना फायदेमंद रहेगा, बजाय इसके कि पूरे सिलेबस को एक साथ दोबारा पढ़ने की कोशिश की जाए।

निकाय चुनाव का असर सिर्फ परीक्षाओं तक सीमित नहीं

प्रदेश में चल रहे निकाय चुनाव का असर सिर्फ CET परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। चुनावी ड्यूटी के चलते कई अन्य सरकारी कामकाज और परीक्षाओं के कार्यक्रम पर भी असर पड़ रहा है, क्योंकि प्रशासनिक अमला एक साथ कई जिम्मेदारियां नहीं निभा सकता।

हाल ही में EVM खराबी के कारण कुछ निकायों में अध्यक्ष पद का चुनाव भी टालना पड़ा था, जिससे प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया का दबाव कितना ज्यादा है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

पहले भी बदल चुकी हैं RSSB परीक्षाओं की तारीखें

यह पहला मौका नहीं है जब राजस्थान में किसी बड़ी भर्ती परीक्षा की तारीख बदली गई हो। इससे पहले भी राजस्थान पुलिस SI भर्ती परीक्षा की तारीख को लेकर बदलाव देखने को मिल चुका है।

इसी तरह हाल ही में सामने आई RPSC पोर्टल से जुड़ी गड़बड़ी की खबर ने भी अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा प्रक्रिया को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर RSSB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर परीक्षा से जुड़ी हर अपडेट खुद चेक करते रहें।

बड़ी भर्ती परीक्षाओं की तारीखें बदलना राजस्थान में नई बात नहीं है, लेकिन जब बात 40 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों वाली परीक्षा की हो, तो हर बदलाव का असर कहीं बड़े स्तर पर महसूस होता है। यही वजह है कि बोर्ड ने इस बार तारीख बदलने का फैसला पहले से ही स्पष्ट कारण बताकर लिया, ताकि अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति न बने।

पूरा नया शेड्यूल एक नजर में

CET सीनियर सेकेंडरी लेवल अब 1 से 3 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित होगी, जिसके लिए करीब 24 लाख 50 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। CET ग्रेजुएशन लेवल जनवरी 2027 के दूसरे से तीसरे सप्ताह के बीच होगी, जिसके लिए करीब 17 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।

CET Exam Date Change

दोनों परीक्षाओं को मिलाकर कुल 40 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी इस बदलाव से प्रभावित होंगे। एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र से जुड़ी आधिकारिक जानकारी परीक्षा से पहले बोर्ड की वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आवेदन में दर्ज मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को एक्टिव रखें, ताकि एडमिट कार्ड जारी होने या परीक्षा से जुड़े किसी भी बदलाव की सूचना समय पर मिल सके। परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी सामान्यतः परीक्षा से कुछ दिन पहले ही जारी की जाती है, इसलिए आखिरी समय में जल्दबाजी से बचने के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड होते ही यात्रा और ठहरने की व्यवस्था पहले से कर लेना बेहतर रहता है।

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