CGPSC ने स्थगित किया इंटरव्यू : मूल्यांकन पर उठे सवाल, इसी बीच जारी हुआ आदेश - Haribhoomi
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने आदेश जारी कर 20 सितंबर से प्रारंभ होने वाली साक्षात्कार प्रक्रिया स्थगित कर दी है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग
- Published: 17 Sep 2026, 12:20 PM IST
- Last Updated: 17 Sep 2026, 12:22 PM IST
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने आदेश जारी कर 20 सितंबर से प्रारंभ होने वाली साक्षात्कार प्रक्रिया स्थगित कर दी है। पूर्व में जारी अधिसूचना के अनुसार, दस्तावेज सत्यापन सह साक्षात्कार प्रक्रिया 20 सितंबर से प्रारंभ होकर एक अक्टूबर तक आयोजित की जानी थी। नई तिथि पीएससी द्वारा पृथक रूप से जारी की जाएगी।
पीएससी द्वारा जारी अधिसूचना में साक्षात्कार स्थगित किए जाने के पीछे अपरिहार्य कारणों का जिक्र किया गया है। सूत्रों के अनुसार, साक्षात्कार स्थगन का निर्णय पूर्व सीएम भूपेश बघेल द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद लिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने साक्षात्कार से पहले सभी अभ्यर्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि कैंडिडेट्स स्वयं जांच कर सकें। इसके अलावा स्थिति स्पष्ट हो जाने तक 2025 के साक्षात्कार स्थगित करने की मांग भी की गई थी।
CGPSC 2025 मेन्स रिजल्ट के बाद विवाद गहराया
गौरतलब है कि, छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत राज्य सेवा परीक्षा-2025 के माध्यम से विभिन्न 20 विभागों के विज्ञापित 265 पद भरे जाएंगे। प्रारंभिक परीक्षाएं फरवरी माह में आयोजित की गई थी। इसके पश्चात मुख्य परीक्षाएं जून में आयोजित की गई। इसमें प्राप्त अंकों के आधार पर साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची 31 अगस्त को जारी की गई थी। मुख्य परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के कुछ दिनों पश्चात से ही विवाद की स्थिति प्रारंभ हो गई है।
न्यूनतम अंक को लेकर भी मांगा स्पष्टीकरण
पूर्व मुख्यमंत्री ने उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ अभ्यर्थियों की कॉपियों में सही उत्तर लिखने वालों को कम नंबर और गलत उत्तर लिखने वालों को ज्यादा अंक दिए गए हैं। पांच विभिन्न पेपर में ऐसी अनियमितता देखी गई है, जहां सही और गलत दोनों उत्तरों के लिए समान अंक बांट दिए गए। उन्होंने साक्षात्कार के लिए चयनित अभ्यर्थियों की संख्या पर भी सवाल उठाए। साल 2025 की पीएससी परीक्षा में कुल 265 पद निकाले गए थे।
न्यूनतम अंकों के विवाद पर भूपेश बघेल की मांग
नियम के अनुसार 1:3 के अनुपात में 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना था, लेकिन केवल 608 अभ्यर्थी ही क्वालीफाई हो पाए। आयोग के अनुसार, पर्याप्त संख्या में अभ्यर्थी निर्धारित न्यूनतम अंक हासिल नहीं कर सके, इसलिए कम संख्या में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। भूपेश बघेल ने मांग की है कि आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि इतने सारे छात्र न्यूनतम अंक क्यों नहीं ला सके।
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