China में Electric Cars की मांग तेजी से बढ़ी, कुल बिक्री में कितना है योगदान - china ev sales market share september 2026 nevs cross 65 percent
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें
भारत ही नहीं चीन में भी Electric Cars की मांग में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रिपोर्ट्स के ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संक्षेप में पढ़ें
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में वाहन निर्माताओं की ओर से Electric Cars को ऑफर किया जा रहा है। लेकिन इस सेगमेंट में सबसे ज्यादा मांग चीन में बढ़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीते महीने के दौरान ईवी सेगमेंट में चीन में कितनी कारों की बिक्री हुई है। किन कारणों से चीन में ईवी की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
चीन में बढ़ी Electric Cars की मांग
चीन में इलेक्ट्रिक कारों की मांग में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन में अब तक हर महीने होने वाली बिक्री में सबसे ज्यादा योगदान इसी सेगमेंट का हो चुका है।
कितनी हुई बिक्री
जानकारी के मुताबिक बीते महीने के दौरान चीन में 15 लाख से ज्यादा कारों की बिक्री हुई है। इनमें से 65.2 फीसदी इलेक्ट्रिक और प्लग इन हाइब्रिड कारों की बिक्री हुई है। इससे पहले यह आंकड़ा 65.1 फीसदी का था।
क्या है कारण
- चीन में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में मांग का सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का है। इस कारण र्स्टेट ऑफ हॉर्मुज से कच्चे तेल का आयात बेहद कम मात्रा में हो रहा है। जिस कारण चीन में भी पेट्रोल और डीजल के दामों में बदलाव हुआ है।
- दूसरा बड़ा कारण चीन में लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनाया जा रहा इंफ्रास्ट्रक्चर है। चीन में ईवी चार्जिंग स्टेशन का लगातार विस्तार हो रहा है। जिससे लोगों को रेंज और चार्जिंग की समस्या अब छोटी लग रही है।
- तीसरा कारण लागत में कमी का आना है। बड़ी संख्या में चीन में Geely, Leap Motor, BYD और SAIC की ओर से बेहतरीन फीचर्स और रेंज के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों काे पेश और लॉन्च किया जा रहा है। जिस कारण लोग सामान्य कारों के मुकाबले नई तकनीक वाले वाहनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
भारत में कैसा है प्रदर्शन
चीन के साथ ही भारतीय बाजार में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान ईवी की बिक्री 2.45 मिलियन यूनिट्स से ज्यादा हो चुकी है। जो बिक्री में आठ फीसदी से ज्यादा है। लेकिन देश में अभी भी नई तकनीक वाले वाहनों की संख्या कम है और कुछ ही निर्माताओं की ओर से इस सेगमेंट में एक से ज्यादा विकल्प ऑफर किए जा रहे हैं।