कौन हैं मनोज जरांगे? जिनके एक इशारे पर सड़कों पर उतर आता है जनसैलाब, CJP के साथ दिल्ली में डालेंगे डेरा!
Published: Wednesday, July 22, 2026, 9:26 [IST]
Manoj Jarange: महाराष्ट्र के मराठा आरक्षण आंदोलन से देशभर में पहचान बनाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे अब दिल्ली के छात्र आंदोलन को समर्थन देने जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बुधवार, 22 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन को अपना 100 फीसदी समर्थन देने का ऐलान किया है। जरांगे ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में हर किसी को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है।
मनोज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह की कार्रवाई हुई, उसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। ऐसे में दिल्ली पहुंचने से पहले एक बार फिर मनोज जरांगे चर्चा में हैं। आइए जानते हैं कि आखिर मनोज जरांगे कौन हैं और महाराष्ट्र से निकलकर दिल्ली के छात्र आंदोलन तक क्यों पहुंचे हैं।
कौन हैं मनोज जरांगे?
मनोज जरांगे पाटिल महाराष्ट्र के जालना जिले के अंतरवाली सराटी गांव के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह मराठा समुदाय को OBC श्रेणी के तहत आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर लगातार आवाज उठाने के कारण वह महाराष्ट्र में आंदोलन का बड़ा चेहरा बन चुके हैं। अगस्त 2023 में अंतरवाली सराटी में जरांगे के अनशन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज हुआ था। इसके बाद उनका आंदोलन तेजी से पूरे महाराष्ट्र में फैल गया और उन्हें बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिला।
बाद में उन्होंने मुंबई तक मराठा आरक्षण यात्रा निकाली और सरकार पर लगातार दबाव बनाया। उनके आंदोलन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय को आरक्षण देने और कुनबी प्रमाणपत्र से जुड़े कई फैसले लिए। हालांकि, आरक्षण का मामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया में है।
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खुद को राजनीति से रखते हैं दूर
मनोज जरांगे खुद को किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नेता नहीं, बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता बताते हैं। उनका कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य मराठा समाज को आरक्षण और उनके अधिकार दिलाना है। आंदोलनों और बड़े जनसमर्थन के चलते वह महाराष्ट्र के सबसे चर्चित सामाजिक कार्यकर्ताओं में शामिल हो गए हैं। NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन के समर्थन में जरांगे बुधवार सुबह करीब 11 बजे पहुंचेंगे। उन्होंने छात्रों पर लाठीचार्ज को अमानवीय बताते हुए सरकार को चेतावनी दी है।
जरांगे ने कहा कि अगर छात्रों को लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने साफ कहा कि वह छात्रों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़े हैं और उन्हें हर संभव समर्थन देंगे।
20 जून से जंतर-मंतर पर बैठी है CJP
बता दें, 20 जून से कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और CJP के समर्थक जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। पेपर लीक को लेकरव एकाउंटेबिलिटी की मांग कर रही CJP शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहती है। इसी क्रम में लद्दाक के एक्टिविस्ट एंड साइंटिस्ट सोनम वांगचुक 23 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। आज उनके अनशन का 24वां दिन है। 20 जुलाई को को CJP के समर्थकों ने संसद की ओर मार्च किया जिसमें पुलिस की ओर से जमकर लाठियां और आंशू गैस के गोले चलाए गए। जिसके बाद विपक्ष पूरी तरह इस आंदोलन में कूद पड़ा है।
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