अभिजीत दीपके को हुआ टाइफाइड, CJP संस्थापक ने कहा-प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन

Image

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके।

Photo :

PTI

Abhijeet Dipke News: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को टाइफाइड हो गया है। दीपके ने खुद इसकी जानकारी दी है। अपने X अकाउंट पर दीपके ने कहा कि उनके ब्लड जांच की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट टाइफाइड की है। दीपके ने कहा कि उनकी तबीयत कई दिनों से खराब है और उनका इलाज चल रहा है। उन्हें सुबह-शाम आईवी दी जा रही है। सीजेपी संस्थापक ने प्रदर्शन का समर्थन करने वाले लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक सीजेपी का प्रदर्शन चलता रहेगा।

इससे पहले सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि यदि सरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता, तो आगे की बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाएगा और संगठन सख्त रणनीति अपनाने को मजबूर होगा। CJP ने साफ कर दिया है कि उनकी सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है।

इन दो मांगों पर सरकार से बनी सहमति

आशुतोष रांका ने आगे कहा कि मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर हुई बैठक में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इन मुद्दों पर सिद्धांततः सहमति भी बनी है। उन्हें उम्मीद है कि इन बिंदुओं पर सरकार की ओर से लिखित सहमति भी जल्द मिलेगी।

शनिवार को सरकार-CJP के बीच फिर बैठक

हालांकि उन्होंने कहा कि आंदोलन की मुख्य मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है। रांका ने कहा, "मुख्यधारा के मीडिया में यह खबर चल रही थी कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे। अगर ऐसा ही है तो फिर इस तरह की बैठकों का कोई मतलब नहीं है। इसके बाद हम अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे। अगर सरकार इसी रवैये पर कायम रही तो हमें सख्त रुख अपनाना पड़ेगा।" सरकार और सीजेपी के बीच शनिवार शाम साढ़े तीन बजे फिर बैठक होनी है। इस बैठक में सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अपने फैसले के बारे में बता सकती है।

आलोचकों को गीतांजलि आंगमो ने दिया जवाब

सोनम वांगचुक के अनशन खत्म होने के बाद उन पर उठ रहे सवालों और आलोचनाओं के बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर आलोचकों को जवाब दिया। गीतांजलि आंगमो ने एक्स पर लिखा कि "सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले 26 दिनों तक किसी बड़े उद्देश्य के लिए उपवास करने का साहस जुटाइए। वह आज ICU में हैं और इस दौरान उनका 11 किलोग्राम वजन कम हो चुका है, जिसमें मांसपेशियां भी शामिल हैं। उन्होंने आराम नहीं, बल्कि त्याग को चुना। कम से कम उन्हें एक दिन की संवेदना तो दीजिए, राजनीतिक फैसले सुनाने से पहले।" उन्होंने आगे कहा कि हर व्यक्ति निस्वार्थ सेवा करने वाले जीवन का आकलन करने का नैतिक अधिकार नहीं रखता। पहले उस स्तर की नैतिकता अर्जित करनी पड़ती है। कृपया थोड़ा मानवीय बनिए।

Alok Rao

आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

और पढ़ें

  • Hindi News
  • India

End of Article