'विपक्ष कमजोर हो सकता है लेकिन जनता नहीं...', धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और CJP पर क्या बोले प्रशांत किशोर? - Haribhoomi

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जनता के दबाव का नतीजा है। साथ ही CJP के बिहार आने पर स्वागत करने की बात कही।

Prashant Kishor

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा जनता के दबाव का नतीजा है।

  • Published: 26 Jul 2026, 03:59 PM IST
  • Last Updated: 26 Jul 2026, 03:59 PM IST

Prashant Kishor on Dharmendra Pradhan resignation: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी), धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा।

प्रशांत किशोर ने ऐलान किया कि अगर सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) बिहार में आती है, तो जन सुराज उसका स्वागत करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति या संगठन सरकार के अलोकतांत्रिक रवैये और कामकाज को चुनौती देना चाहता है, जन सुराज उसके साथ पूरी मजबूती से खड़ा रहेगा।

उन्होंने आगे कहा कि यदि सीजेपी के कार्यकर्ता बिहार आकर छात्रों के मुद्दों पर जमीन पर काम करते हैं, तो उनका स्वागत किया जाएगा।

सोनम वांगचुक को बताया अपना व्यक्तिगत मित्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का जिक्र करते हुए उन्हें अपना व्यक्तिगत मित्र बताया। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि बहुत कम लोग यह जानते हैं कि लद्दाख में हिरासत में लिए जाने के बाद सोनम वांगचुक को जयपुर की जेल में महीनों तक रखा गया था।

उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक हमेशा से छात्रों और महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दों पर बेहद सक्रिय रहे हैं। यदि उन्होंने सीजेपी के मंच से अपनी बात रखी है, तो यह पूरी तरह से लोकतांत्रिक प्रक्रिया का एक हिस्सा है।

'यह किसी पार्टी का नहीं, जनता का आंदोलन है'
प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि यह पूरी लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं है। उन्होंने कहा कि जब आम जनता अपने बुनियादी अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरती है, तो सत्ता में बैठे लोगों को भी अपने फैसले बदलने पर मजबूर होना पड़ता है।

उनके अनुसार, आज के छात्र किसी खास नेता के समर्थन के लिए नहीं, बल्कि अपने उज्ज्वल भविष्य और एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़क पर संघर्ष कर रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर क्या बोले प्रशांत किशोर?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि यह इस्तीफा जवाबदेही तय करने की शुरुआत भर है। उन्होंने कहा कि भारी जनदबाव के कारण ही आखिरकार सरकार को यह बड़ा फैसला लेना पड़ा।

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— Jan Suraaj (@jansuraajonline) July 26, 2026

उन्होंने आगे कहा कि भले ही देश में विपक्षी दल कमजोर नजर आ सकते हैं, लेकिन लोकतंत्र में 'जनता का विपक्ष' कभी भी कमजोर नहीं होता है।

'पेपर लीक और बेरोजगारी से पूरी तरह परेशान हैं युवा'
प्रशांत किशोर ने मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि हाल ही में हुए विभिन्न आंदोलनों में शामिल युवा किसी एक संगठन विशेष के लिए नहीं, बल्कि पेपर लीक, भीषण बेरोजगारी और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि इसी जनदबाव का असर सरकार पर पड़ा और परिणामस्वरूप यह कड़ा कदम उठाना पड़ा। उनके मुताबिक, यह तो महज एक शुरुआत है और जवाबदेही तय करने की यह प्रक्रिया आगे भी लगातार जारी रहनी चाहिए।

शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर साधा निशाना
देश की शिक्षा व्यवस्था पर खुलकर बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि शिक्षा प्रणाली में वास्तविक सुधार तभी संभव है, जब शिक्षा सरकार की सबसे सर्वोच्च प्राथमिकता बने। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था में शिक्षा की वास्तविक गुणवत्ता पर ध्यान देने के बजाय वैचारिक प्रभाव बढ़ाने पर अधिक जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने अंत में कहा कि जिस दौर में पेपर लीक जैसी शर्मनाक घटनाएं हुईं, उस समय के शिक्षा मंत्री को अपना पद छोड़ना पड़ा है। अब देश को नए शिक्षा मंत्री से यह उम्मीद है कि वे पूरी तरह से कदाचार मुक्त और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।