CJP Protest: मां बोलीं- बेटे को माइग्रेन, सेहत की चिंता; क्या पिता दिल्ली आकर अभिजीत दीपके का समर्थन करेंगे?

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर में मौजूद अभिजीत दीपके के पिता भगवानराव दीपके ने बेटे की भूख हड़ताल को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, शुक्रवार को सुबह करीब 9 बजे अभिजीत का फोन आया। उसने बताया कि पुलिस ने सोनम वांगचुक को जबरन प्रदर्शन स्थल से हटा दिया है। उन्हें भी चुप रहने को कहा गया है।



अभिजीत के पिता ने सरकार के रवैये पर क्या कहा?


बकौल भगवान राव दीपके, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कई दिनों से पूरी तरह शांतिपूर्ण था, हिंसा की कोई घटना नहीं हुई थी। इसके बावजूद, प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए पुलिस की कार्रवाई 'लोकतंत्र की हत्या' के समान है। अगर सरकार चाहती तो शिक्षा मंत्री लोकतांत्रिक समाधान निकालने के लिए बातचीत हेतु एक प्रतिनिधि भेज सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया... अभिजीत अब भूख हड़ताल शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे हम चिंतित हैं। अभिजीत हमारा इकलौता बेटा है और उसे माइग्रेन समेत कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं। इसलिए लंबे समय तक बिना भोजन के रहना उसके लिए मुश्किल होगा।

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बेटे के विरोध प्रदर्शन का समर्थन, दिल्ली जाने को लेकर क्या बोले पिता?


उन्होंने कहा, सरकार लोकतांत्रिक तरीके से नहीं बल्कि तानाशाही तरीके से काम कर रही है... पुलिस कार्रवाई संभवतः उच्च अधिकारियों के आदेश पर की गई थी और पुलिस खुद मजबूरी में काम कर रही थी... यदि आवश्यक हुआ तो मैं स्वयं विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जाऊंगा। अभिजीत की मां अनीता दीपके ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, 'सोनम वांगचुक को हटाने से पहले कम से कम 20 जुलाई तक का समय दिया जाना चाहिए था... उन्हें अपनी सुबह की दिनचर्या पूरी करने का भी मौका नहीं दिया गया।

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मां ने बेटे अभिजीत की तबीयत को लेकर क्या कहा?


अभिजीत की मां के मुताबिक उनका बेटा माइग्रेन से पीड़ित हैं और लंबे समय तक बिना भोजन के रहने के आदी नहीं हैं... भूख हड़ताल पर जाने के फैसला के बाद मुझे उनके स्वास्थ्य की चिंता है।मां अनीता ने कहा, अभिजीत पिछले एक महीने से आंदोलन में व्यस्त हैं और उन्होंने परिवार को बताया था कि वह 20 जुलाई के बाद ही घर लौटेंगे... अगर पुलिस ने मेरे बेटे के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की तो परिवार के लिए स्थिति और भी कठिन हो जाएगी।



कहां से चर्चा में आए अभिजीत दीपके?


गौरतलब है कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद अभिजीत ने सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम की मुहिम शुरू की। इससे लाखों युवाओं के जुड़ने के बाद उन्होंने अमेरिका से भारत लौटकर प्रदर्शन का एलान किया। नीट-यूजी की परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं के आक्रोश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। अभिजीत समेत तमाम आंदोलनकारी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ-साथ परीक्षा और शिक्षा प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव पर चर्चा करने की मांग कर रहे हैं।