हिमाचल CM के मिशन रिपीट के बयान की चर्चा: बोले- जो भी जिम्मेदारी मिली, हर बार लंबा कार्यकाल रहा, इसलिए भाजपा गलतफहमी में न रहे - Shimla News

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज इशारों-इशारों में प्रदेश में मिशन रिपीट का दावा किया। अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि वह जहां भी रहे, लंबे समय तक रहे हैं।

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कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यक्रम में अपने संबोधन में सुक्खू ने कहा- पहले NSUI, फिर यूथ कांग्रेस और बाद में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का दायित्व भी लंबे समय तक निभाया। इसलिए, भाजपा गलतफहमी में न रहे। सीएम के इस बयान की सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है।

सीएम सुक्खू कि दिसंबर 2022 में ही पहली बार हिमाचल के मुख्यमंत्री बने हैं। अब उनके इस बयान को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के राजनीतिक आत्मविश्वास से जोड़कर देखा जा रहा है। सुक्खू ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश के हितों से कभी समझौता नहीं किया। जहां भी जरूरत पड़ी, हिमाचल के अधिकारों के लिए केंद्र के समक्ष मजबूती से अपनी बात रखी गई।

उन्होंने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना की आलोचना करते हुए कहा कि इससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। वहीं राज्य सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है।

राजीव भवन शिमला में एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यक्रम के लिए जाते हुए सीएम सुक्खू।

राजीव भवन शिमला में एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस के कार्यक्रम के लिए जाते हुए सीएम सुक्खू।

बीजेपी सरकार में पेपर लीक और नौकरियां बेची गई: CM

पूर्व भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में पेपर लीक हुए और नौकरियां बेची गईं, जबकि वर्तमान सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन कर भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में लगातार भर्तियां हो रही हैं और अब पेपर लीक जैसी घटनाएं नहीं हो रही हैं।

शिक्षा, स्वास्थ्य और 2032 का विजन भी गिनाया

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल की रैंकिंग में सुधार हुआ है और इस वर्ष तीन राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है और सरकार का लक्ष्य वर्ष 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश का सबसे समृद्ध राज्य बनाना है।

भाजपा से पूछे तीन सवाल

सुक्खू ने भाजपा से पूछा कि क्या उनके शासनकाल में पुलिस भर्ती पेपर लीक नहीं हुआ, क्या कस्टमाइज पैकेज के नाम पर हजारों बीघा जमीन कौड़ियों के भाव नहीं दी गई और क्या हिमकेयर योजना में घोटाले नहीं हुए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री द्वारा आपदा के दौरान घोषित 1,500 करोड़ रुपए की सहायता राशि हिमाचल को अब तक क्यों नहीं मिली।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने एनएसयूआई और युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि प्रदेश में इस बार इतिहास बदलेगा तथा कांग्रेस लगातार दूसरी बार सरकार बनाएगी।