नई दिल्ली में बोले CM Dhami, उत्तराखंड में 5 साल में 34 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी - Doon Horizon

नई दिल्ली के इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के विकास मॉडल और समान नागरिक संहिता के प्रभाव को सामने रखा। राज्य में कनेक्टिविटी, 34 हजार नई सरकारी नियुक्तियों और जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ की तैयारियों पर विस्तृत ब्योरा दिया गया।

दून हॉराइज़न, नई दिल्ली (22 अगस्त 2026): राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित “The Economic Times World Leaders Forum 2026” के मंच पर उत्तराखंड के विकास और प्रशासनिक सुधारों का पूरा खाका सामने आया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वैश्विक प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं के बीच राज्य की नई नीतियों को साझा किया। देवभूमि में पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी विकास के बीच संतुलन साधते हुए काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

राज्य गठन के शुरुआती बीस सालों में जहां केवल 16 हजार सरकारी भर्तियां हुई थीं, वहीं बीते पांच वर्षों के भीतर 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी पदों पर सीधी तैनाती दी जा चुकी है। भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए नकल विरोधी सख्त कानून लागू किए गए। पेपर लीक और नकल गिरोह के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए लगभग 100 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा गया। पारदर्शी चयन व्यवस्था से युवाओं में विश्वास लौटा है।

समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में सामाजिक स्तर पर व्यापक बदलाव दर्ज किया गया है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के विधिक अधिकारों को समान सुरक्षा मिली है। देश के अन्य राज्यों के लिए भी यह व्यवस्था प्रेरणा स्रोत बन रही है। प्रशासनिक स्तर पर इसे सुशासन के मॉडल के तौर पर रेखांकित किया गया।

शिक्षा क्षेत्र में सुधार करते हुए पूर्ववर्ती मदरसा बोर्ड की व्यवस्था समाप्त की गई है। इसके स्थान पर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन हुआ है, जिससे सभी वर्गों के बच्चों को आधुनिक पाठ्यक्रम से जोड़ा जा सके। तय मानकों का उल्लंघन करने वाले 250 से अधिक मदरसों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई। सरकारी संपत्तियों और वन भूमि पर हुए अवैध कब्जों को मुक्त कराने के लिए निरंतर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया।

वर्ष 2023 के वैश्विक निवेशक सम्मेलन के बाद उत्तराखंड के औद्योगिक ढांचे में तेज विस्तार देखा गया है। 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के साथ हुए समझौतों को धरातल पर उतारने के लिए 30 से अधिक नई क्षेत्रीय नीतियां बनाई गईं। औद्योगिक इकाइयों को निर्बाध बिजली आपूर्ति और मजबूत कानून व्यवस्था का सीधा लाभ मिल रहा है।

पर्वतीय क्षेत्रों की लाइफलाइन मानी जा रही 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर निर्माण कार्य अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। यह रेल नेटवर्क चारधाम आने वाले तीर्थयात्रियों और सुदूर इलाकों के निवासियों के सफर को आसान बनाएगा। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पूरी तरह चालू होने से राजधानी और देहरादून के बीच यात्रा का समय घटकर बेहद कम रह गया है।

हवाई कनेक्टिविटी के मोर्चे पर देहरादून से देश के प्रमुख शहरों के लिए 50 से अधिक नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। उधमसिंह नगर स्थित पंतनगर को बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब में तब्दील किया जा रहा है, जहां प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। हरिद्वार और आसपास के मैदानी क्षेत्र नए मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के रूप में स्थापित हुए हैं।

धार्मिक और सीमांत पर्यटन के आंकड़ों में बड़ा उछाल दर्ज हुआ है। चारधाम यात्रा के शुरुआती चरण में 47 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे, जबकि कांवड़ मेले में करीब 4.80 करोड़ श्रद्धालुओं की आमद दर्ज की गई। आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां तेज होने से स्थानीय ग्रामीणों को अपने गांवों में ही होमस्टे, परिवहन और स्थानीय उत्पादों के जरिए नियमित रोजगार मिल रहा है। सीमांत गांवों को ‘प्रथम गांव’ की नीति के तहत विकसित किया गया है।

सर्दियों के महीनों में होने वाले स्थानीय पलायन को रोकने के लिए हर्षिल-मुखवा जैसे इलाकों को विंटर टूरिज्म सेंटर के रूप में उभारा जा रहा है। बारह महीने पर्यटन जारी रहने से ढाबों, गाइडों और स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की आय में निरंतरता आई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (SDG) सूचकांक में राज्य शीर्ष पायदान पर बरकरार है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइंस और मॉडर्न टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने विशेष नवाचार नीति लागू की है। भविष्य की अर्थव्यवस्था में तकनीकी दक्षता को अनिवार्य माना जा रहा है।

जनवरी 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले भव्य महाकुंभ के लिए बुनियादी ढांचे, सुरक्षा तंत्र और घाटों के विस्तार का काम तेज गति से चल रहा है। मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के श्रद्धालुओं और मंच पर मौजूद प्रतिनिधियों को जनवरी 2027 के हरिद्वार कुंभ में सम्मिलित होने का औपचारिक निमंत्रण दिया।