CM मोहन चरण माझी के UAE दौरे से ओडिशा को ₹2.43 लाख करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में ओडिशा सरकार का संयुक्त अरब अमीरात निवेश अभियान कई बड़े निवेश प्रस्तावों के साथ पूरा हुआ. अबूधाबी और दुबई में आयोजित बैठकों और निवेश कार्यक्रमों के दौरान राज्य को ₹2.43 लाख करोड़ से अधिक के प्रस्तावित निवेश मिले. इस दौरान 24 MoUs और Investment Intents सामने आए, जबकि कई वैश्विक कंपनियों और निवेश समूहों के साथ सीधे संवाद भी हुए.
मुख्यमंत्री के अनुसार इन प्रस्तावों से आने वाले समय में 8.95 लाख से अधिक रोजगार अवसरों की संभावना बन सकती है. निवेश प्रस्तावों में पारंपरिक मेटल और माइनिंग सेक्टर के साथ Artificial Intelligence, data centres, renewable energy, critical minerals, rare earths, petrochemicals, logistics, shipbuilding, food processing और industrial infrastructure जैसे नए क्षेत्रों को भी प्रमुखता मिली है.
परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हुआ समझौता
UAE दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धियों में International Holding Company (IHC) और Adani Group के साथ 14 प्रस्तावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए हुआ समझौता शामिल है. इन परियोजनाओं में करीब ₹2,10,500 करोड़ के indicative investment की संभावना जताई गई है. इनमें Naraj में करीब ₹50,000 करोड़ का hyperscale AI data centre hub, Bedabahal में लगभग ₹40,000 करोड़ का coal-to-chemicals complex, renewable-energy equipment manufacturing, iron-ore beneficiation और slurry-pellet chain जैसे बड़े प्रस्ताव शामिल हैं.
इसके अलावा करीब ₹20,000 करोड़ के shipbuilding, ship repair और green ship recycling cluster, Paradip में petrochemical downstream और packaging park तथा Dhamra में industrial park और SEZ जैसे प्रस्ताव भी निवेश पाइपलाइन का हिस्सा हैं.
500 करोड़ रुपये के निवेश की रुचि दिखाई
मुख्यमंत्री माझी के दौरे के दूसरे चरण में दुबई से 8,417 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले. इसमें पांच MoUs और आठ Investment Intents शामिल थे, जिनसे करीब 14,310 रोजगार अवसर पैदा होने की संभावना है. इन प्रस्तावों में IT और IT-enabled services, logistics, agro-processing, chemicals, aluminium, rare earths और circular economy से जुड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. K Raheja Corp ने IT और ESDM क्षेत्र में करीब ₹4,000 करोड़, Advanta Seeds ने agro-processing में ₹800 करोड़ और Sharaf Group ने logistics sector में करीब ₹500 करोड़ के निवेश की रुचि दिखाई.
UAE outreach में aluminium value chain पर भी विशेष जोर रहा. Integrated aluminium project के तहत Rayagada में alumina refinery और Sundargarh में aluminium smelter से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा हुई. इससे राज्य में raw material production के साथ downstream और value-added industries को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. Critical minerals और rare earths भी इस निवेश रणनीति का अहम हिस्सा रहे. प्रस्तावित Rare Earth Corridor और Critical Minerals Park Odisha को electronics, clean energy, electric mobility और advanced manufacturing जैसे क्षेत्रों की global supply chain से जोड़ सकता है.
प्रस्तावित परियोजनाओं में शामिल
मुख्यमंत्री के UAE दौरे में केवल बड़े उद्योगों पर ही नहीं, बल्कि agriculture और exports पर भी फोकस रहा. Odisha ने Indian Business and Professional Group (IBPG) के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया. इसके तहत turmeric, ginger, seafood और processed food products के UAE और Gulf markets में export को बढ़ाने पर चर्चा हुई. करीब ₹5,500 करोड़ का UAE-focused food and agro-processing park भी प्रस्तावित परियोजनाओं में शामिल है. इससे किसानों, FPOs, seafood producers और food-processing companies के लिए processing, packaging, cold-chain और export markets तक पहुंच बढ़ सकती है.
बड़ी ताकत के रूप में पेश किया
Odisha की लंबी coastline और Paradip, Dhamra तथा Gopalpur जैसे ports को भी UAE investors के सामने राज्य की बड़ी ताकत के रूप में पेश किया गया. Port infrastructure, logistics, shipbuilding और export-oriented industries में निवेश बढ़ने से राज्य की maritime economy को नई गति मिलने की संभावना है. दुबई में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने UAE के Economy and Tourism Minister Abdulla Bin Touq Al Marri समेत कई वरिष्ठ सरकारी और कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात की. उन्होंने निवेशकों के सामने Odisha की mineral resources, industrial base, coastal location, skilled workforce और infrastructure को राज्य की प्रमुख ताकत के रूप में पेश किया.
जुड़ने का मौका मिल सकता
इस निवेश अभियान का असर बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है. नए industrial projects के साथ construction, transport, logistics, fabrication, maintenance, hospitality और local services में भी रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं. वहीं downstream industries के विस्तार से MSMEs और छोटे उद्यमों को बड़ी कंपनियों की supply chain से जुड़ने का मौका मिल सकता है.
मुख्यमंत्री माझी का UAE दौरा इस लिहाज से Odisha की औद्योगिक रणनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राज्य अब अपनी पहचान केवल mineral-producing state के रूप में नहीं, बल्कि AI, green energy, advanced manufacturing, food processing, exports और global supply chains से जुड़े investment destination के रूप में मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.