​CM Yogi Janmashtami Address: 'आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, हमारी आस्था नहीं', लखनऊ पुलिस लाइन में बोले सीएम योगी - Haribhoomi

लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकते हैं, मूर्तियां खंडित कर सकते हैं, लेकिन भारतीयों के मन में बसे प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण की आस्था को कभी नहीं छू सकते। उन्होंने सोमनाथ, काशी और अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि आस्था मिटाने की कोशिश करने वाले खुद इतिहास के पन्नों में गुम हो गए।

DGP Rajeev Krishna presenting a Kamdhenu symbol to Chief Minister Yogi Adityanath on the occasion of

लखनऊ पुलिस लाइन में डीजीपी राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कामधेनु प्रतीक चिन्ह के रूप में भेंट करते हुए (file photo.)

  • Published: 04 Sep 2026, 09:11 PM IST
  • Last Updated: 04 Sep 2026, 09:11 PM IST

लखनऊ : श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राजधानी लखनऊ की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकते हैं, मूर्तियां खंडित कर सकते हैं और मंदिरों के ऊपर अपनी इमारतें खड़ी कर सकते हैं, लेकिन वे जनमानस के हृदय में बसे प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण को कभी नहीं मिटा पाए।

​मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक नजीरें देते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर को बार-बार तोड़ा गया, लेकिन भारत ने उसे हर बार और अधिक भव्यता से खड़ा किया। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर आज अपनी अजेय पताका के साथ खड़ा है। वहीं काशी में बाबा विश्वनाथ धाम को पहले अहिल्याबाई होल्कर और अब आधुनिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्य व भव्य स्वरूप प्रदान किया है।

​आस्था नष्ट करने वाले खुद इतिहास में मिट गए

सीएम योगी ने कहा कि जिन लोगों ने भारत के अस्तित्व और सनातन संस्कृति को नष्ट करने का कुत्सित प्रयास किया, वे स्वयं काल के गाल में समा गए और आज इतिहास के पन्नों के अलावा उनका कोई अस्तित्व नहीं बचा। इसके विपरीत भारत आज भी जाग्रत अवस्था में अपनी शाश्वत सांस्कृतिक यात्रा को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कारागार की काल कोठरी और घने अंधकार में जन्म लेकर भी भगवान श्रीकृष्ण ने विषम परिस्थितियों को परास्त करते हुए समूचे समाज को प्रकाश, धर्म और न्याय का मार्ग दिखाया। गीता का संदेश जीवन में संशय और भ्रम की स्थिति में प्रत्येक मनुष्य को कर्म का मार्ग दिखाता है।

#WATCH लखनऊ(उत्तर प्रदेश): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रिज़र्व पुलिस लाइन्स में जन्माष्टमी के भव्य समारोह में शामिल हुए। pic.twitter.com/d0SDY8NpdK

— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 4, 2026

मथुरा-वृंदावन के अटूट जनसैलाब का किया उल्लेख

मथुरा और वृंदावन के अपने दौरे का अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी और बरसात की परवाह किए बिना लाखों की संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन के लिए उमड़े। ब्रज क्षेत्र की आध्यात्मिक और प्राकृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोग आज भी पेड़ों और पर्वतों को नुकसान नहीं पहुंचाते। इंद्र पूजा के स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा कराने का उद्देश्य यही था कि जो प्रकृति, अन्नदाता किसान और पशुपालकों को संरक्षण देता है, वही पूजनीय है।

​विकसित भारत के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और कर्तव्यबोध जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश के प्रत्येक क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा सकारात्मक भाव से होनी चाहिए। नकारात्मक भाव रखने वाले इतिहास में विलीन हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण केवल सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के साझा संकल्प से संभव होगा। जब समाज का हर व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में पूरी ईमानदारी से दायित्वों का निर्वहन करेगा, तभी देश परम वैभव को प्राप्त करेगा।

​इस भव्य समारोह में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत, पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।