CRPF के जवान क्यों कर रहे सुसाइड? 5 साल में सबसे अधिक केस, अब हाई-लेवल कमेटी करेगी जांच
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने जवानों के बीच सुसाइड और खुद को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं को रोकने के लिए 10 वरिष्ठ अधिकारियों का एक कोर ग्रुप गठित किया है. यह कदम वर्ष 2025 में बल में सुसाइड के 59 मामले सामने आने के बाद उठाया गया है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक हैं.
अधिकारियों के मुताबिक, ये नया ग्रुप हर मामले की विस्तार से जांच करेगा और यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि जवानों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था. इसके आधार पर मानसिक स्वास्थ्य, परिवार से जुड़े मामलों, प्रशासन और जवानों की सुविधाओं में सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे.
पांच साल में सबसे ज्यादा मामले
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आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, करीब 3.25 लाख कर्मियों वाली CRPF में 2025 में 59 जवानों ने सुसाइड किया. इससे पहले 2024 में 46, 2023 में 57, 2022 में 43 और 2021 में 57 सुसाइड के मामले सामने आए थे.
2021 से 2025 के बीच सामने आए 262 मामलों में 80 फीसदी से अधिक मौतें कांस्टेबल स्तर के कर्मियों की थीं. आंकड़ों के अनुसार, 202 मामलों यानी 77 फीसदी से ज्यादा मामलों में जवानों की मौत ड्यूटी के दौरान हुई, जबकि बाकी घटनाएं छुट्टी के दौरान हुईं.
हर मामले की होगी गहन समीक्षा
अधिकारियों ने बताया कि नया कोर ग्रुप आत्महानि के मामलों में सामने आने वाले सामान्य पैटर्न और बार-बार दिखाई देने वाले जोखिम कारकों की पहचान करेगा. इसके आधार पर संस्थागत स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
घटनाओं की रिपोर्टिंग करने वाले अधिकारी और संबंधित पर्यवेक्षण अधिकारी भी अपने अधीन हुई घटनाओं का विश्लेषण समूह के सामने रखेंगे. इसके अलावा, समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित करने और जिम्मेदारी तय करने के लिए भी व्यवस्था मजबूत की जाएगी.
परिवार से दूरी और लंबी तैनाती बड़ी चुनौतियां
एक वरिष्ठ कमांडिंग अधिकारी के मुताबिक, लंबे समय तक तैनाती, परिवार से दूरी और काम व निजी जीवन के बीच संतुलन की कमी ऐसे मामलों के पीछे महत्वपूर्ण कारणों में शामिल हैं. CRPF अधिकारियों के अनुसार, पहले के विश्लेषणों में भी ज्यादातर सुसाइड के मामलों में पारिवारिक समस्याओं के साथ-साथ कठिन सेवा परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण ड्यूटी की भूमिका सामने आई है.
CRPF ने जवानों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए पहले भी कई कदम उठाए हैं और इन प्रयासों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है.
NHRC ने भी लिया संज्ञान
CRPF में सुसाइड के बढ़ते मामलों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) भी सक्रिय हुआ है. आयोग ने 14 अगस्त को मीडिया रिपोर्टों के आधार पर स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव और CRPF महानिदेशक को नोटिस जारी किया था. आयोग ने दोनों से दो सप्ताह के भीतर इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
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