Dabur के इन 7 प्रोडक्ट्स पर FSSAI ने लगाई रोक, '100% Pure' बोलकर बेच रहे थे, क्यों सरकार ने लिया एक्शन?
Published: Tuesday, August 4, 2026, 11:35 [IST]
अगर आप शहद, घी या नारियल पानी खरीदते समय पैकेट पर लिखा "100% Pure" या "100% Natural" देखकर भरोसा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने डाबर इंडिया को ऐसे कई फूड प्रोडक्ट बेचने से रोक दिया है, जिन पर "100%" वाले दावे किए गए थे।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि ये प्रोडक्ट मिलावटी या खाने लायक नहीं हैं। FSSAI की आपत्ति सिर्फ पैकेजिंग और विज्ञापन में किए गए दावों को लेकर है। आइए समझते हैं पूरा मामला क्या है।
आखिर FSSAI ने Dabur पर क्या कार्रवाई की?
FSSAI ने डाबर इंडिया को आदेश दिया है कि वह उन सभी फूड प्रोडक्ट्स की बिक्री तुरंत बंद करे, जिन पर "100% Natural", "100% Pure", "100% Purity Guaranteed", "100% Organic" और इसी तरह के दावे लिखे गए हैं।
रेगुलेटर का कहना है कि मौजूदा कानून में "100%" शब्द की कोई तय परिभाषा नहीं है। ऐसे में इस तरह का दावा ग्राहकों को पूरी तरह शुद्ध या सबसे बेहतर होने का गलत संदेश दे सकता है। FSSAI के मुताबिक, यह Food Safety and Standards (Advertising & Claims) Regulations, 2018 का उल्लंघन है।
किन Dabur प्रोडक्ट्स पर लगी रोक?
FSSAI के आदेश में डाबर के इन प्रोडक्ट्स का जिक्र किया गया है।
- Dabur Honey
- Dabur Apple Cider Vinegar
- Dabur Virgin Coconut Oil
- Dabur Sesame Oil
- Dabur Cow Ghee
- Dabur Coconut Water
- Dabur Hommade Coconut Milk
इसके अलावा रेगुलेटर ने साफ किया है कि जिन दूसरे फूड प्रोडक्ट्स पर भी इसी तरह के "100%" वाले दावे हैं, उन्हें भी बिक्री से हटाया जाए।
आखिर '100%' लिखने पर आपत्ति क्यों हुई?
FSSAI का कहना है कि "100%" जैसे दावे वैज्ञानिक रूप से हर मामले में साबित करना आसान नहीं है। अगर कोई कंपनी पैकेट पर "100% Pure" या "100% Natural" लिखती है, तो ग्राहक इसे पूरी तरह शुद्ध और बिना किसी शक के सही मान सकता है। इसी वजह से मई 2025 में FSSAI ने पूरे फूड इंडस्ट्री को एडवाइजरी जारी कर कहा था कि पैकेजिंग, लेबल और प्रमोशनल मटेरियल में "100%" जैसे दावों से बचें।
जांच के दौरान FSSAI ने दो और बातें नोटिस कीं। रेगुलेटर के मुताबिक Dabur Himalayan Organic Apple Cider Vinegar और Dabur Organic Honey पर Jaivik Bharat का लोगो दिखाया जा रहा था, जबकि उनके पास उस समय वैध FSSAI ऑर्गेनिक एंडोर्समेंट नहीं था।
Jaivik Bharat भारत में प्रमाणित ऑर्गेनिक फूड की पहचान के लिए इस्तेमाल होने वाला आधिकारिक चिन्ह है। इसके अलावा Dabur Hommade Coconut Milk पर "100% Purity" लिखा मिला, जिसे भी FSSAI ने आपत्तिजनक माना।
FSSAI ने बताया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई। रेगुलेटर ने पहले भी डाबर को नोटिस भेजकर ऐसे दावे हटाने के लिए कहा था। लेकिन FSSAI का कहना है कि कंपनी की तरफ से संतोषजनक सुधार नहीं किया गया।
अब कंपनी को आदेश दिया गया है कि ऐसे सभी प्रोडक्ट्स की बिक्री रोकी जाए और 15 दिनों के भीतर एक्शन रिपोर्ट जमा की जाए।
डाबर इंडिया ने कहा है कि उसे FSSAI का नोटिस मिल गया है। कंपनी ने अपने बयान में कहा, "हमें FSSAI का नोटिस मिला है। नोटिस में जिन कंटेंट का जिक्र किया गया है, हम उनकी समीक्षा कर रहे हैं और जरूरी बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।"
क्या ये प्रोडक्ट खाने के लिए असुरक्षित हैं?
इस पूरे मामले में सबसे जरूरी बात यही है। FSSAI ने कहीं भी यह नहीं कहा कि डाबर के ये प्रोडक्ट मिलावटी, नकली या स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हैं। रेगुलेटर की आपत्ति सिर्फ लेबलिंग, विज्ञापन और '100%' वाले दावों को लेकर है। यानी कार्रवाई प्रोडक्ट की सुरक्षा पर नहीं, बल्कि उसे ग्राहकों के सामने पेश करने के तरीके पर हुई है।
यह मामला सिर्फ डाबर तक सीमित नहीं है। FSSAI पहले ही पूरे फूड इंडस्ट्री को साफ कर चुका है कि बिना स्पष्ट कानूनी आधार के "100%" जैसे दावे नहीं किए जा सकते। आने वाले समय में दूसरी कंपनियों के लेबल और विज्ञापनों की भी इसी तरह जांच हो सकती है। यानी अब फोकस सिर्फ प्रोडक्ट पर नहीं, बल्कि उस पर लिखे हर दावे की सच्चाई पर भी रहेगा।