श्रीश्री रविशंकर के 'आर्ट ऑफ लिविंग' को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, DDA को 5 करोड़ रुपए लौटाने के निर्देश
Aug 23, 2026 12:02 am ISTभाषा, नई दिल्ली
शीर्ष अदालत ने कहा कि NGT विशेषज्ञ समिति की उस रिपोर्ट से प्रभावित हो गया, जिसमें कहा गया था कि बाढ़ क्षेत्र स्थल पर बड़े पैमाने पर कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं और इसी आधार पर उसने निष्कर्ष निकाला कि ऐसे काम करके अपीलकर्ता ने बाढ़ क्षेत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया था।

श्रीश्री रविशंकर के 'आर्ट ऑफ लिविंग' को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, DDA को 5 करोड़ रुपए लौटाने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने NGT (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के 2017 के उस आदेश को शनिवार को रद्द कर दिया, जिसमें साल 2016 में आयोजित विश्व संस्कृति महोत्सव के कारण यमुना के बाढ़ क्षेत्र को हुए नुकसान के लिए श्रीश्री रविशंकर के 'आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन' को जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को फाउंडेशन द्वारा जमा किए गए पांच करोड़ रुपए के पर्यावरणीय मुआवजे को भी वापस करने का निर्देश दिया और इसके लिए उसे चार सप्ताह का समय भी दिया।
यमुना के बाढ़ क्षेत्र डीएनडी फ्लाईवे में गंदगी फैलाने के आरोपों से आर्ट ऑफ लिविंग को क्लीन चिट देते हुए जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जिससे पता चलता है कि आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन को सौंपे जाने से पहले ही कार्यक्रम स्थल खराब स्थिति में था। पीठ ने कहा, 'रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री वास्तव में यह साबित करती है कि यदि कोई नुकसान हुआ भी है, तो उसके लिए अपीलकर्ता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता...।'
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया 9 साल पुराना फैसला
पीठ ने कहा, 'सात दिसंबर 2017 के फैसले को रद्द किया जाता है और इसके परिणामस्वरूप अपीलकर्ता के खिलाफ की गई सभी कार्रवाइयों और अंतरिम आदेशों को भी निरस्त किया जाता है। अपीलकर्ता नौ मार्च 2016 के अधिकरण के आदेश के अनुपालन में डीडीए के पास जमा की गई पांच करोड़ रुपए की राशि वापस पाने का हकदार है। डीडीए आज से चार सप्ताह के भीतर यह राशि वापस करेगा।'
NGT ने दिया था 5 करोड़ रुपए DDA को देने का आदेश
शीर्ष अदालत ने यह आदेश 'आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन' से जुड़े 'व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया' की ओर से दायर एक अपील पर दिया। एक समिति की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन को पांच करोड़ रुपए जमा करने का निर्देश दिया था और कहा था कि कार्यक्रम से बाढ़ क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
कोर्ट बोला- रिपोर्ट से पूरी तरह प्रभावित हो गया था NGT
शीर्ष अदालत ने कहा कि NGT, विशेषज्ञ समिति की उस रिपोर्ट से प्रभावित हो गया, जिसमें कहा गया था कि स्थल पर बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही थीं और इस आधार पर उसने निष्कर्ष निकाला कि ऐसे काम करके अपीलकर्ता (आर्ट ऑफ लिविंग) ने बाढ़ क्षेत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया।
बाढ़ क्षेत्र में कार्यक्रम की अनुमति देने पर भड़का कोर्ट
अदालत ने सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने के लिए डीडीए की भी आलोचना की और उसे एनजीटी के निर्देश के अनुसार यमुना के बाढ़ क्षेत्र के बहाली का काम जारी रखने का निर्देश दिया। विश्व सांस्कृतिक महोत्सव 11 से 13 मार्च, 2016 तक आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम दिल्ली में यमुना नदी के सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में डीएनडी फ्लाईवे के आगे की ओर 25 हेक्टेयर क्षेत्र में आयोजित किया गया था।
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Sourabh Jain
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