Delhi Cyber Fraud: दिल्ली में 12.84 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का पर्दाफाश, बैंक मैनेजर समेत 5 गिरफ्तार - Haribhoomi
Delhi Cyber Fraud: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ो की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक मैनेजर समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
दिल्ली में साइबर अपराध। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- Published: 17 Sep 2026, 11:12 AM IST
- Last Updated: 17 Sep 2026, 11:12 AM IST
Delhi Cyber Fraud: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की स्पेशल यूनिट 'इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस' (IFSO) ने एक बड़े अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है।
पुलिस ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी 'हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड' के कॉरपोरेट बैंक खाते से हुई 12,84,09,997 (लगभग 12.84 करोड़ रुपये) की डिजिटल धोखाधड़ी के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ऐसा कहा जा रहा है कि इन आरोपियों में बैंक का एक रिलेशनशिप मैनेजर भी शामिल है। मैनेजर पर आरोप है कि इसने जालसाजों को फर्जी व डमी खाते खोलने में मदद की थी।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता लगा है कि इस पूरे नेटवर्क के तार टेलीग्राम के माध्यम से चीनी सिंडिकेट और दुबई तक फैले होने की बात सामने आई है। ठगी गई एक रकम का एक बड़ा हिस्सा क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर विदेश भेजा जा चुका है।
मामले के बारे में तब पता लगा जब हीरो फिनकॉर्प लिमिटेड को HDFC बैंक के सिस्टम अलर्ट के जरिए पता चला कि उनके कॉरपोरेट खाते से बिना किसी सहमति, निर्देश या प्रबंधन की जानकारी के पैसों की अनधिकृत निकासी हो रही है।
सिंडिकेट ने बेहद शातिराना तरीके से 317 डिजिटल ट्रांजैक्शन की सहायता से कुल 12.84 करोड़ रुपये की राशि देश के अलग-अलग 34 प्राथमिक बैंक खातों में ट्रांसफर कर ली, कंपनी के अधिकृत कानूनी प्रतिनिधि की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने 21 अगस्त 2026 को स्पेशल सेल थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
बैंक खातों व कॉल डिटेल को खंगाला
मामले की गंभीरता को देखते हुए DCP (IFSO) गौरव त्यागी और एसीपी प्रेम चंद्र खंडूरी के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर अंकित, हेड कांस्टेबल सुरेश, राजेश, कर्मवीर और कांस्टेबल रोहित शामिल थे।
टीम ने तुरंत तकनीकी सर्विलांस व बैंक खातों व मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड को खंगाला। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ठगे गए 1.7 करोड़ रुपये को अलग-अलग खातों में ब्लॉक/फ्रीज करवाकर पूंजी को सुरक्षित कर लिया। इसके बाद देशभर में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।