Delhi Protest: Pellet Gun आरोपों पर मोहन भागवत बोले- 'मुझे Facts नहीं पता, Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा करूंगा'

Time Published: Thursday, August 6, 2026, 22:30 [IST]

Mohan Bhagwat On Delhi Jantar Mantar Protest Pellet Gun: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार (6 अगस्त 2026) को युवा पीढ़ी पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि वे 'Gen Z पर आंख मूंदकर भरोसा' करेंगे और छात्रों को बेहतर सिस्टम के लिए विरोध करने का पूरा लोकतांत्रिक अधिकार है।

एक कार्यक्रम में बोलते हुए भागवत ने हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान लाठीचार्ज, आंसू गैस और पेलेट गन के इस्तेमाल की खबरों का जिक्र किया। उन्होंने साफ कहा कि उनके पास इन घटनाओं की पक्की जानकारी नहीं है, इसलिए वे सही या गलत पर कमेंट नहीं कर सकते।

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'अगर आंख मूंदकर भरोसा करना हो तो Gen Z पर'

भागवत ने कहा, 'ये बातें, ऐसा क्यों हुआ, हमें इसकी वजह जाननी होगी। मेरे पास जानकारी नहीं है, मुझे सही या गलत नहीं पता। लेकिन अगर मुझसे कहा जाए कि मैं आंखें बंद करके किसी पर विश्वास करूं, तो मैं Gen Z पर विश्वास करूंगा।'

उन्होंने जोर दिया कि आज के युवा देश के अपने लोग और अगली पीढ़ी हैं। 'वे हमारे अपने लोग हैं, वे हमारी अगली पीढ़ी हैं। उस रिश्ते को पहचानना जरूरी है। मुझे लगता है कि यह नई पीढ़ी हमारी मौजूदा पीढ़ियों से ज्यादा ईमानदार है।'

छात्रों को विरोध का अधिकार, लेकिन रास्ता भी जरूरी

RSS प्रमुख ने विरोध प्रदर्शन को लोकतंत्र की चर्चा का सही तरीका बताया। उन्होंने कहा, 'डेमोक्रेसी चर्चा के बाद आम सहमति बनाने का तरीका है। शिकायत सच्ची है और हमारे देश के एजुकेशन सिस्टम में बहुत सुधार की जरूरत है। इसलिए बातचीत जरूरी है।'

पिछली पीढ़ियों से तुलना करते हुए भागवत ने कहा कि पहले लोग अथॉरिटी से सवाल नहीं करते थे, लेकिन Gen Z और Gen Alpha प्यार से लॉजिकल जवाब मांगते हैं। 'मैं कभी नहीं कहूंगा कि Gen Z को विरोध नहीं करना चाहिए, लेकिन डेमोक्रेसी में एक रास्ता भी होना चाहिए। अगर युवा चिल्ला रहे हैं तो यह विरोध के लिए नहीं, सुधार के लिए है।'

करुणा से सुनें, एंटी-नेशनल न कहें

सवाल पूछने वाले युवाओं को एंटी-नेशनल बताए जाने के आरोप पर भागवत ने कहा कि आज की पीढ़ी को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी बात करुणा और समझ के साथ सुनी जानी चाहिए। 'दया और समझ की भावना होनी चाहिए। आज की पीढ़ी सबसे ईमानदार पीढ़ी है। उनकी बात सुनी जानी चाहिए और उन्हें महसूस होना चाहिए कि उनकी बात सुनी जा रही है।'

पुलिस कार्रवाई की खबरों पर दोबारा बोलते हुए उन्होंने दोहराया कि बिना वेरिफाइड फैक्ट्स के कोई नतीजा नहीं निकाला जा सकता। 'अगर मुझे यकीन करना होता, तो मैं Gen Z पर यकीन करता। लेकिन हमें असलियत नहीं पता। दोनों तरफ की रिपोर्ट्स आ रही हैं। इस आंदोलन में कुछ एंटी-सोशल एलिमेंट्स के होने की भी खबरें आई हैं। बिना असली जानकारी के हम बात नहीं कर सकते।'

शिक्षा को बिजनेस न बनाएं

शिक्षा व्यवस्था पर भी भागवत ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई कमर्शियल बिजनेस नहीं होनी चाहिए। 'कम्युनिटी की मदद से एजुकेशन सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकता है। एजुकेशन का फाइनेंशियल बोझ बहुत बड़ा है। हमें सतर्क रहना होगा, सिस्टम की नियमित जांच करनी होगी और टीचर्स को ट्रेन करना होगा। शिक्षा सिर्फ सरकार की नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी है।'