Delhi Red Fort Blast: दिल्ली लाल किला ब्लास्ट बड़ा आतंकी षड्यंत्र; 7500 पन्नों की चार्जशीट में NIA ने क्या-क्या कहा ? - Haribhoomi

Delhi Red Fort Blast: दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। चार्जशीट में NIA ने लाल किला धमाके को आतंकी साजिश बताया है।

Delhi Red Fort Blast

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट में 7500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल।

  • Published: 29 Aug 2026, 03:09 PM IST
  • Last Updated: 29 Aug 2026, 03:10 PM IST

Delhi Red Fort Blast: दिल्ली में लाल किला के पास नवंबर 2025 में हुए बम धमाके में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एजेंसी ने इस मामले में 11 आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है।

चार्जशीट में 588 गवाहों के बयान, 395 से ज्यादा दस्तावेज और 200 से अधिक जब्त सामग्री को सबूत के तौर पर शामिल किया गया है। आज 29 अगस्त शनिवार को राउज एवेन्यू स्थित विशेष NIA अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। 

NIA की चार्जशीट के मुताबिक, एजेंसी ने इस मामले को केवल एक ब्लास्ट की घटना नहीं, बल्कि एक बड़े कथित आतंकी षड्यंत्र के तौर पर पेश किया है। जांच जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में की गई।

NIA का कहना है कि अभियोजन शिकायत में 588 मौखिक गवाहों के बयान शामिल है। इसके साथ ही 395 से ज्यादा डॉक्यूमेंट्स और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। एजेंसी ने वैज्ञानिक और फोरेंसिक जांच के साथ-साथ DNA फिंगरप्रिंटिंग और वॉयस एनालिसिस का भी इस्तेमाल किया।

डॉक्टर उमर उन नबी मास्टरमाइंड

जांच एजेंसी के अनुसार, इन वैज्ञानिक जांचों की मदद से ब्लास्ट में मारे गए आरोपी डॉक्टर उमर उन नबी की पहचान स्थापित की गई। NIA ने उसे कथित तौर पर इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी बताया है। उसकी मौत के कारण उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त करने का प्रस्ताव रखा गया है।

NIA ने 11 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट 14 मई को दाखिल की थी। इसके बाद 27 जून 2026 को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई। एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से जुड़े कानूनों के तहत आरोप लगाए गए हैं।

The Special NIA Court has taken cognisance of the NIA’s chargesheet in the Red Fort blast case. The NIA has chargesheeted 13 accused, including Umar-un-Nabi, who died in the blast, while one accused is absconding. The investigation covered Jammu and Kashmir, Haryana, Uttar… pic.twitter.com/ahhkW1Ombd

— IANS (@ians_india) August 29, 2026

आरोपियों के नाम

  • आमिर राशिद मीर
  • जसीर बिलाल वानी
  • डॉक्टर मुजम्मिल शकील
  • डॉक्टर अदील अहमद राथर
  • डॉक्टर शाहीन सईद
  • मुफ्ती इरफान अहमद वागे, सोयब
  • डॉक्टर बिलाल नसीर मल्ला
  • यासिर अहमद डार समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। एक आरोपी फरार बताया गया है।

आरोपियों ने हथियार इकट्ठा किए

NIA ने दावा किया है कि लाल किले के पास हुए धमाके में हाई-इंटेंसिटी Vehicle-Borne Improvised Explosive Device (VBIED) का इस्तेमाल किया गया था। एजेंसी के मुताबिक, इसमें Triacetone Triperoxide (TATP) नामक विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया, जिसे कथित तौर पर कई प्रयोगों के बाद तैयार किया गया था। 

एजेंसी का आरोप है कि आरोपियों ने हथियार और गोला-बारूद जुटाए तथा रॉकेट आधारित और ड्रोन से संचालित IED को लेकर भी इस्तेमाल किया। NIA का कहना है कि जांच में AK-47, क्रिनकोव राइफल और देसी पिस्तौल जैसे प्रतिबंधित हथियारों की कथित अवैध खरीद के संकेत भी मिले।

आरोपी अंसर गजवत उल हिंद से जुड़े

चार्जशीट के मुताबिक,NIA का यह भी आरोप है कि आरोपी अंसर गजवत उल हिंद से जुड़े थे। एजेंसी इसे AQIS से जुड़ा संगठन बताती है। NIA के मुताबिक, आरोपियों ने 2022 में श्रीनगर में हुई एक गुप्त बैठक के दौरान संगठन को ‘AGuH Interim’ के रूप में पुनर्गठित करने की कोशिश की।

जांच एजेंसी ने कथित तौर पर इसे एक बड़े 'जिहादी षड्यंत्र' का हिस्सा बताया है। चार्जशीट में ‘ऑपरेशन हेवनिली हिंद’ नाम के अभियान का भी जिक्र किया है। NIA का आरोप है कि इस अभियान का उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाकर शरिया आधारित शासन स्थापित करना था।