प्राइवेट-पब्लिकेशन की बुक चलाने निजी स्कूल कर रहे मनमानी: अभिभावक संघ ने की शिकायत, DEO बोले-निजी स्कूलों को चलानी पड़ेगी NCERT की किताबें - Ambikapur (Surguja) News
सरगुजा में CBSE मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों को NCERT के बुक चलाने की अनिवार्यता का नोटिस सरगुजा DEO ने थमाया तो प्राइवेट स्कूल बहानेबाजी पर उतर आए हैं। प्राईवेट स्कूल अभिभावकों द्वारा प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें चलाने के लिए बहुमत में अभिमत दि
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सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार झा ने चार माह पूर्व CBSE से मान्यता प्राप्त कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, होली क्रास सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ओरिएंटल पब्लिक स्कूल (OPS), न्यू डीपीएस सरगवां, मोंटफोर्ट स्कूल और बिरला ओपन माइंड इंटरनेशनल स्कूल सहित अन्य स्कूलों को नोटिस जारी किया था।
ये स्कूल प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें चला रहे हैं और कुछ स्कूलों पर निजी प्रकाशकों की मंहगी किताबें-कॉपियों का बंडल खरीदने के लिए बाध्य किए जाने का आरोप था। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
स्कूलों ने कहा-अभिभावकों चाहते हैं प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें प्राइवेट स्कूलों में नवमीं से 12 वीं तक एनसीआरटी की किताबें चलाई जा रही हैं, लेकिन पहली से आठवीं तक प्राइवेट पब्लिकेशन की मंहगी किताबें चलाई जा रही हैं। इसके कारण अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ भी पड़ रहा है।
DEO द्वारा नोटिस थमाये जाने के बाद भी सत्र शुरू हो जाने के कारण स्कूल इस वर्ष भी प्राइवेट पब्लिकेशन की ही किताबें चला रहे हैं। कई स्कूलों ने DEO के नोटिस का जवाब देने के लिए अभिभावकों का कथित रूप से अभिमत लेकर DEO को पत्र भेजा है कि अभिभावक प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें ही चलाना चाहते हैं।

अभिभावक संघ अध्यक्ष ने कहा-मनमानी कर रहे प्राइवेट स्कूल
अभिभावक संघ ने की शिकायत, मनमानी कर रहे प्राइवेट स्कूल
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अभिभावक संघ ने मंगलवार को सरगुजा DEO दिनेश कुमार झा से शिकायत की है। संघ ने शिकायत में बताया है कि होलीक्रास, मोंटफोर्ट स्कूल द्वारा चुनिंदा अभिभावकों की बैठक आयोजित कर पक्षपातपूर्ण तरीके से सहमति ली जा रही है और बहुसंख्यक अभिभावकों की सहमति बताकर प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें चलाने का निर्णय लिया जा रहा है।
अभिभावक संघ के अध्यक्ष नीलेश सिंह ने कहा कि प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें पांच गुणा तक मंहगी हैं और स्कूलों पर सीधे कमीशनखोरी कर रहे हैं। प्राइवेट स्कूल आधी किताबें हर साल बदल देते हैं। इस पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।

होलीक्रास प्रिंसिपल बोलीं-बैठक बुलाई थी, ओपिनियन नहीं दिया
होलीक्रास की प्रिंसपल बोली- हमने अभिमत नहीं दिया
होलीक्रास स्कूल में शनिवार को करीब 500 अभिभावकों की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें बमुश्किल पांच से छह अभिभावकों से राय जानी गई। इनमें से चार ने कहा कि वे प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें चाहतें हैं। इसके बाद बैठक समाप्त कर दी गई। अन्य अभिभावक पक्ष नहीं रख सके।
होलीक्रास की प्रिंसिपल सिस्टर जेस्सी थक्कन ने कहा कि 10 प्रतिशत पैरेंट्स को बुलाया गया था। पांच-छह अभिभावकों से पूछा गया, सभी की सहमति लेना संभव नहीं है। हालांकि अभी हमने अपना अभिमत नहीं दिया है।

डीईओ बोले- NCERT की किताबें चलानी ही पड़ेंगी
DEO बोले- चलानी ही पड़ेगी NCERT की किताबें
सरगुजा डीईओ दिनेश कुमार झा ने कहा कि स्कूलों को एनसीआरटी की किताबें चलानी ही पड़ेंगी, वे खुशी से इसे लागू करें या नाराज होकर। शासन ने जो नियम लागू किया है, उसे मानना ही होगा। हालांकि वे साथ में रिफ्रेंश के लिए प्राइवेट पब्लिकेशन की कुछ बुक्स चला सकते हैं, लेकिन कोर्स बुक NCERT का होगा।
डीईओ ने कहा कि कुछ अभिभावक चाहते हैं कि प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें चलाई जाएं, इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक होना होगा। स्कूल यह कहकर नहीं बच सकते कि अभिभावकों की राय क्या है?
DEO दिनेश झा ने कहा कि अभिभावक संघ की शिकायत आई है, इसमें स्कूल प्रबंधन से जानकारी ली जाएगी।