'मैं हूं विद्यालय का हेडमास्टर': जमुई में अबसेंट शिक्षक विद्यालय पहुंचे, छात्रों को क्लास से निकाला; DEO से कार्रवाई की मांग, VIDEO - Jamui News
जमुई के खैरा प्रखंड स्थित चंद्रशेखर सिंह उच्च विद्यालय कहरडीह, चांगोडीह में बुधवार को एक शिक्षक के विद्यालय पहुंचने पर विवाद खड़ा हो गया।
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विद्यालय के सहायक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक मनीष कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को लिखित शिकायत दी है।
उन्होंने वर्षों से अनुपस्थित चल रहे अप्रशिक्षित शिक्षक रवीन्द्र कुमार सिंह पर कुछ लोगों के साथ विद्यालय पहुंचकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है।
देखें, मौके से आई तस्वीरें…

अनुपस्थित शिक्षक रवीन्द्र कुमार सिंह ने छात्रों को क्लास से बाहर निकाला।

प्रभारी प्रधानाध्यापक मनीष कुमार ने शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन दिया।
सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला…
छात्रों को धमकाकर कक्षा से बाहर निकाला
प्रभारी प्रधानाध्यापक मनीष कुमार के अनुसार, बुधवार सुबह लगभग 10:30 बजे रवीन्द्र कुमार सिंह कुछ अन्य लोगों के साथ विद्यालय पहुंचे। उन्होंने स्वयं को प्रधानाध्यापक बताया और अपने साथ आए लोगों को शिक्षक के रूप में प्रस्तुत किया।
आरोप है कि इसके बाद उन्होंने विद्यालय में उपस्थित नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों को धमकाकर बाहर निकाल दिया, जिससे परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।
विद्यालय में ताला लगाएं-रवीन्द्र सिंह
छात्रों द्वारा बनाए गए एक वीडियो में भी उन्हें विद्यालय से बाहर निकाले जाने की बात सामने आई है। छात्रों ने आरोप लगाया कि रवीन्द्र कुमार सिंह ने उन्हें घर जाने और विद्यालय में ताला लगाने को कहा। इसके बाद सभी छात्र विद्यालय छोड़कर अपने घरों को चले गए।
विद्यालय में लगभग 90 विद्यार्थी नामांकित
प्रभारी प्रधानाध्यापक मनीष कुमार ने बताया कि विद्यालय में लगभग 90 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें से प्रतिदिन करीब 50 छात्र पढ़ने आते हैं।
विद्यालय में कुल सात शिक्षक और दो शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि इस मामले में समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया गया, तो विद्यालय में कोई अप्रत्याशित घटना हो सकती है और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो सकती है।

स्कूल में मौजूद छात्र।
डीईओ से मामले की जांच की मांग
मनीष कुमार ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से पूरे मामले की जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने और विद्यालय का संचालन व्यवस्थित करने की मांग की है।
उन्होंने शिक्षण कार्य को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भी अनुरोध किया है। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा पदाधिकारी ने जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिक्षक ने प्रधानाध्यापक पर लगाए आरोप
शिक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2012 में विद्यालय में योगदान दिया था। उनका आरोप है कि विद्यालय के तत्कालीन प्रधानाध्यापक सुनील सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पुत्र मनीष कुमार को नियमों की अनदेखी कर प्रधानाध्यापक बनाया गया, जबकि उनकी नियुक्ति भी नियमसंगत नहीं है।
परिवार के कई सदस्यों की विद्यालय में नियुक्ति कराई
रविंद्र कुमार के अनुसार, मनीष कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान अपने परिवार के कई सदस्यों की विद्यालय में नियुक्ति कर दी। बुधवार को जब वह विद्यालय पहुंचे और इन कथित अनियमितताओं का विरोध किया, तो आरोप है कि मनीष कुमार ने बच्चों से उनका वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

'मेरे पास शिक्षा विभाग की ओर से जारी पत्र'
उन्होंने बताया कि विवाद की सूचना मिलने पर 112 नंबर की पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद मामला शांत हुआ। रविंद्र कुमार ने दावा किया कि उनके पास शिक्षा विभाग की ओर से जारी एक पत्र भी है, जिसमें उन्हें प्रधानाध्यापक के रूप में दर्शाया गया है।
मामले को लेकर रविंद्र कुमार जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचे और पूरे प्रकरण की शिकायत की। उन्होंने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई की मांग की है।