Deoghar News: अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट रोहित कुमार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
Deoghar News: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रजत पदक जीत चुके रोहित के लिए आर्थिक तंगी के बीच खेल करियर को जारी रखने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. देवघर निवासी अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट रोहित कुमार सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और हौसले के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है.
रोहित कुमार शॉटपुट (गोला फेंक) स्पर्धा के पैरा एथलीट हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत के लिए रजत पदक हासिल किया है. इसके अलावा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और सेंट्रल जोन चैंपियनशिप में भी वे कई पदक अपने नाम कर चुके हैं. शॉटपुट में उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 9.64 मीटर रहा है.
इसे भी पढ़ें:


पिता की चाय दुकान में हाथ बंटाना
रोहित के संघर्ष की कहानी यहीं खत्म नहीं होती. आर्थिक परिस्थितियां ऐसी हैं कि उन्हें अपने पिता की छोटी-सी चाय की दुकान में भी हाथ बंटाना पड़ता है. दुकान पर पिता की मदद करने के बाद वे अपने खेल के अभ्यास के लिए समय निकालते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद खेल के प्रति उनका जुनून और देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा बरकरार है.
बिना कोच के अंतरराष्ट्रीय सफर
रोहित ने बताया कि लंबे समय तक उन्हें पेशेवर कोच और अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकीं. उन्होंने यूट्यूब और सोशल मीडिया के माध्यम से शॉटपुट की तकनीकें सीखीं और अपने अभ्यास, मेहनत व आत्मविश्वास के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया.
उनका कहना है कि मुश्किलें लगातार सामने आती रहीं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. सीमित साधनों में अभ्यास करते हुए उन्होंने खुद को बेहतर बनाने की कोशिश जारी रखी और आखिरकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए पदक जीतने में कामयाब रहे.
आर्थिक तंगी बड़ी बाधा
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए नियमित प्रशिक्षण, पौष्टिक आहार, खेल उपकरण, यात्रा और अन्य तैयारियों पर काफी खर्च होता है. रोहित के लिए आर्थिक स्थिति के कारण इन जरूरतों को पूरा करना लगातार चुनौती बनता जा रहा है. उनका कहना है कि प्रतिभा और मेहनत के बावजूद संसाधनों की कमी उनके खेल करियर के आगे बढ़ने में बड़ी बाधा बन रही है.
नौकरी व स्पॉन्सरशिप की उम्मीद
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीत चुके रोहित कुमार ने झारखंड सरकार और खेल विभाग से खेल कोटे के तहत सरकारी नौकरी, बेहतर प्रशिक्षण और स्पॉन्सरशिप उपलब्ध कराने की अपील की है.
रोहित का कहना है कि यदि उन्हें सरकार और समाज की ओर से उचित आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण की सुविधा और नौकरी का सहारा मिलता है, तो वे आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं. उनका सपना है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और पदक जीतकर देश तथा झारखंड का नाम विश्व पटल पर रोशन करें.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें