Dharmendra Pradhan Resignation: NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 4 दशक की राजनीति, पढ़ाई से संपत्ति तक जानिए
Dharmendra Pradhan Resignation: NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। जानिए उनकी पढ़ाई, राजनीतिक सफर, करियर और संपत्ति से जुड़ी पूरी जानकारी।
Dharmendra Pradhan Resignation News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में उठे सवालों के बीच यह मामला लगातार राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ था। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने जवाबदेही तय करने की मांग उठाई थी।
धर्मेंद्र प्रधान का सफर
धर्मेंद्र प्रधान का नाम भारतीय राजनीति में सिर्फ एक मंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि संगठन और चुनावी रणनीति से जुड़े प्रभावशाली नेताओं में भी गिना जाता रहा है। ओडिशा से निकलकर केंद्र की राजनीति में अपनी जगह बनाने वाले प्रधान ने भाजपा संगठन से लेकर सरकार के कई अहम मंत्रालयों तक जिम्मेदारियां संभालीं।
तालचेर से दिल्ली तक का सफर, जानिए धर्मेंद्र प्रधान की शिक्षा
धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ था। उनके पिता देवेंद्र प्रधान भी भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री के पद पर रह चुके हैं। शिक्षा की बात करें तो धर्मेंद्र प्रधान ने तालचेर कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने उत्कल विश्वविद्यालय के वाणी विहार परिसर से मानवशास्त्र (Anthropology) में मास्टर डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही उनका जुड़ाव राजनीति से रहा और उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के माध्यम से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की।
ABVP से केंद्र सरकार तक, ऐसा रहा राजनीतिक करियर
- धर्मेंद्र प्रधान ने शुरुआत में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में काम किया और संगठन में लगातार आगे बढ़ते गए। उनकी संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारियां मिलती गईं।
- साल 2004 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया। इसके बाद वे राज्यसभा सदस्य भी रहे और केंद्र की राजनीति में उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती गई।
- 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद उन्हें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। इस दौरान उज्ज्वला योजना जैसे बड़े सरकारी कार्यक्रमों के संचालन में उनकी अहम भूमिका रही। बाद में उन्हें कौशल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी भी दी गई।
- जुलाई 2021 में हुए केंद्रीय कैबिनेट विस्तार के बाद धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय की कमान सौंपी गई। उनके कार्यकाल में नई शिक्षा नीति (NEP) लागू करने, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव और परीक्षा सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
कितनी है धर्मेंद्र प्रधान की संपत्ति?
चुनावी हलफनामे के अनुसार धर्मेंद्र प्रधान के पास करीब 3.60 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति बताई गई थी। वहीं उन पर लगभग 89 लाख रुपये की देनदारी भी दर्ज थी।
ये भी पढ़ें- NEET विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, लेकिन शिक्षा मंत्री की इन 2 लाइनों ने चौंकाया-पत्र में ऐसा क्या लिखा?
NEET-UG विवाद कैसे बना बड़ा मुद्दा?
धर्मेंद्र प्रधान का कार्यकाल NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर भी काफी चर्चा में रहा। परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद छात्रों, विपक्ष और कई संगठनों ने पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। विरोध प्रदर्शन तेज होने के बाद शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा व्यवस्था की भूमिका पर बहस शुरू हुई। सरकार की ओर से जांच और परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाने की बात कही गई। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देने का फैसला किया।
ये भी पढ़ें- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: CJP Protest के आगे झुकी सरकार, अभिजीत दिपके ने कहा- झुका दिया
अब आगे क्या?
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भारतीय शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर चल रही बहस के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे मिलती है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए आगे कौन से कदम उठाए जाते हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।