बरेली में DIG बोले- उर्स में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त: महिला कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए बनाए गए विशेष मिशन शक्ति केंद्र - Bareilly News
बरेली में आला हजरत के 108वें उर्स और कांवड़ यात्रा को एक साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती थी। एक तरफ उर्स में देश-विदेश से 10 लाख से अधिक जायरीन बरेली पहुंचे, तो दूसरी ओर कांवड़ यात्रा भी जारी रही। पुलिस ने दोनों आय
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डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी ने दैनिक भास्कर को बताया कि दोनों बड़े आयोजनों को देखते हुए पुलिस बल की पहले से ही अलग-अलग स्थानों पर तैनाती की गई थी। वरिष्ठ अधिकारियों को लगातार फील्ड में रहने और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के निर्देश दिए गए थे। एडीजी जोन के नेतृत्व में अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।

डीआईजी रेंज अजय कुमार साहनी ने बताया कि महिला कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं।
10 लाख से ज्यादा की भीड़ संभालना बड़ी चुनौती
डीआईजी ने बताया कि उर्स के अंतिम दिन बड़ी संख्या में जायरीन बरेली पहुंचे। भीड़ को नियंत्रित करने के साथ पुलिस का फोकस यातायात व्यवस्था और जायरीनों की सुविधा पर भी रहा। उर्स स्थल और आसपास के इलाकों में पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहे।
कुल शरीफ के बाद जब जायरीन वापस लौटने लगे तो पुलिस ने उनकी सुरक्षित आवाजाही पर भी नजर रखी। भीड़ को एक साथ सड़कों पर आने से रोकने के लिए व्यवस्थाएं की गईं।
मुख्य मार्ग के साथ वैकल्पिक रूट भी चालू रखे
डीआईजी ने बताया कि यातायात का दबाव कम करने के लिए रूट प्लान के तहत मुख्य मार्गों के साथ वैकल्पिक रास्ते भी चालू रखे गए। अलग-अलग स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर यातायात और भीड़ की लगातार निगरानी की गई। कोशिश रही कि जायरीनों की आवाजाही के साथ आम लोगों को भी कम से कम परेशानी हो।
कांवड़ रूट पर भी पुख्ता सुरक्षा
अजय कुमार साहनी ने बताया कि बरेली रेंज के चारों जिलों में कांवड़ यात्रा को लेकर भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। कांवड़ रूट के संवेदनशील स्थानों, प्रमुख मार्गों और भीड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।
महिला कांवड़ियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष मिशन शक्ति केंद्र बनाए गए हैं। यहां पर्याप्त पुलिस बल के साथ महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। जरूरत पड़ने पर महिला कांवड़ियों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
एडीजी के नेतृत्व में अधिकारी लगातार फील्ड में
डीआईजी ने बताया कि एडीजी जोन के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय रहे। पुलिसकर्मियों को केवल उर्स स्थल तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि आने-जाने वाले रास्तों, पार्किंग स्थलों, भीड़ वाले क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर भी तैनात किया गया।
उन्होंने कहा कि उर्स और कांवड़ यात्रा दोनों बड़े धार्मिक आयोजन हैं। दोनों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता रही। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की लगातार निगरानी से व्यवस्थाएं सुचारू रहीं।