बांका में प्रसूता से गलत बर्ताव पर DM का एक्शन: प्राइवेट क्लिनिक सील, ANM के सस्पेंशन की प्रक्रिया शुरू - Banka News
बांका जिले के बाराहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रसूता और उसके परिवार से दुर्व्यवहार के मामले में जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की है।
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आरोप है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दी गईं और प्रसूता को निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल के पास शिकायत पहुंचने के एक घंटे के भीतर ही जांच शुरू हुई और अवैध निजी क्लिनिक को सील कर दिया गया।
इस मामले में दोषी पाई गई एएनएम इंदु कुमारी के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।गुरुवार की संध्या यह कार्रवाई की गई।



पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया
जानकारी के मुताबिक,बाराहाट थाना क्षेत्र के चौबेडीह की रहने वाली मौसम देवी ने अपनी बहन सुमन कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर 1 सितंबर को बाराहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था।
मौसम देवी ने 3 सितंबर,गुरुवार को दोपहर करीब 3:30 बजे जिलाधिकारी को लिखित शिकायत दी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में तैनात एएनएम इंदु कुमारी ने प्रसूता और उसके परिवार से गलत व्यवहार किया।
साथ ही,सरकारी सुविधा देने के बजाय मरीज को बाराहाट सेंट्रल बैंक के सामने एक निजी नर्सिंग होम में ले जाने का दबाव बनाया गया। इसके बाद प्रसूता को उसी निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
शिकायत मिलते ही जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बांका के सिविल सर्जन को तुरंत एक जांच दल बनाने और मौके पर जाकर पूरे मामले की जांच करने का निर्देश दिया।
निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई
इस निर्देश के बाद गुरुवार शाम को जांच टीम ने मामले की पड़ताल की। जांच के बाद सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार ने जिला प्रशासन को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट सौंपी।
गुरुवार शाम को हुई शुरुआती जांच में पहली नजर में अनियमितता और गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित निजी क्लिनिक को सील कर दिया।
जांच में दोषी पाए जाने पर एएनएम इंदु कुमारी के खिलाफ बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने साफ किया है कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही, भ्रष्टाचार या मरीजों और उनके परिवार से किसी भी तरह का गलत व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मियों और पदाधिकारियों को संवेदनशीलता एवं पूरी निष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है।
भविष्य में इस तरह की शिकायत सामने आने पर कठोर अनुशासनात्मक एवं विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।