लाडकी बहिन योजना: e-KYC के बाद 92 लाख महिलाएं लिस्ट से बाहर? CAG ने उठाए सवाल, मंत्री अदिति तटकरे ने दिया जवाब| Navbharat Live

Updated On: Jul 13, 2026 | 06:07 PM IST

विज्ञापन

सार

Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र की लाडकी बहिन योजना में बड़ा खुलासा हुआ है। वेरिफिकेशन के बाद 92 लाख से अधिक अपात्र महिलाओं को हटाया गया है, जिससे करीब 14,000 करोड़ रुपये का भुगतान रुक गया है।

Ladki Bahin Yojana

मंत्री अदिति तटकरे, लाडकी बहिन योजना (डिजाइन फोटो)

विस्तार

Ladki Bahin Yojana Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। राज्यव्यापी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के बाद योजना के तहत रजिस्टर्ड हर 10 में से लगभग 4 महिलाओं के नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक कुल 92 लाख से अधिक लाभार्थियों को इस योजना से बाहर का रास्ता दिखाया जा चुका है। यह आंकड़ा सरकार द्वारा पहले बताए गए 80 लाख के अनुमान से कहीं ज्यादा है।

क्यों कटे 92 लाख महिलाओं के नाम?

अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लिस्ट से हटाए गए लोगों में सबसे बड़ी संख्या (लगभग 62 लाख लाभार्थी) उन महिलाओं की है, जो अपनी अनिवार्य ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाईं। इसके अलावा, बाकी बचे लोगों को जांच में अयोग्य पाया गया।

क्या है अपात्र होने के मुख्य कारण?

  • तय सीमा 2.5 लाख रुपए सालाना से अधिक पारिवारिक आय होना।
  • लाभार्थी का सरकारी कर्मचारी होना या परिवार में आयकर दाता होना।
  • पहले से ही किसी अन्य सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ उठाना।
  • निर्धारित आयु सीमा 21 से 65 वर्ष के अंतर्गत न आना।
  • सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि लगभग 29,000 मामलों में लाभार्थी पुरुष पाए गए।

14,000 करोड़ का हो चुका था भुगतान

इस प्रोसेस से जुड़े अधिकारियों का अनुमान है कि वेरिफिकेशन के बाद हटाए गए लाभार्थियों को पेमेंट रुकने से पहले कुल मिलाकर लगभग 14,000 करोड़ रुपये मिल चुके थे। अधिकारियों ने बताया कि जिन लोगों का पेमेंट बंद किया गया, उन्हें औसतन लगभग 10 महीनों तक मदद मिली थी, हालांकि कोई एक निश्चित कट-ऑफ तारीख नहीं थी क्योंकि लाभार्थियों की पहचान वेरिफिकेशन प्रोसेस के अलग-अलग चरणों में की गई थी।

2024 विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई थी योजना

साल 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से ठीक पहले शुरू हुई इस योजना का बजट आवंटन अब 60,000 करोड़ रुपये से ऊपर निकल चुका है। यह योजना 21 से 65 साल की उम्र की उन महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देती है जिनके परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है। सरकारी कर्मचारियों, इनकम टैक्स देने वालों और कुछ दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है। इस स्कीम में अभी 1.5 करोड़ से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं।

CAG ने भी उठाए थे वित्तीय प्रबंधन पर सवाल

सितंबर 2025 में शुरू हुई वेरिफिकेशन प्रक्रिया से पहले, इसके लाभार्थियों की संख्या लगभग 2.43 करोड़ थी। ये नतीजे इसलिए अहम हैं क्योंकि कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल (CAG) ने इस स्कीम के फाइनेंशियल मैनेजमेंट पर सवाल उठाए हैं।

सम्बंधित ख़बरें

महाराष्ट्र के 2024-25 के फाइनेंस के ऑडिट में, सीएजी ने बजट अनुमान, खर्च पर कंट्रोल और फाइनेंशियल मैनेजमेंट में बड़ी कमियों की ओर इशारा किया। इसमें बिना किसी ठोस वजह के लगभग 3,541 करोड़ रुपये का ज्यादा खर्च, तुरंत इस्तेमाल की जरूरत न होने के बावजूद सरकारी डिपॉजिट अकाउंट में 15,586 करोड़ रुपये जमा रखने और कमजोर फाइनेंशियल कंट्रोल का जिक्र किया गया। सीएजी ने सुझाव दिया कि बड़े डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम के लिए बजट बनाते समय लाभार्थियों की संख्या और फंड की जरूरतों का ज्यादा सही आकलन किया जाना चाहिए।

e-KYC नहीं इसलिए रुका भुगतान

महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने बताया कि लाडकी बहिन योजना जून 2024 में शुरू की गई थी। विधानसभा चुनाव और आचार संहिता के कारण ईकेवायसी प्रक्रिया पहले शुरू नहीं हो सकी। नई सरकार बनने के बाद अगस्त 2025 में ईकेवायसी शुरू की गई और बार-बार लाभार्थियों को स्पष्ट किया गया कि प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर भुगतान रोक दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें:- पंढरपुर वारी के लिए पूरे महाराष्ट्र से चलेंगी 5500 स्पेशल ST बसें, महिलाओं को 50% छूट और बुजुर्गों को फ्री सफर

मंत्री अदिति तटकरे ने बताया कि भुगतान रोकने से पहले उन्हें कई अवसर दिए गए और समय-सीमा भी 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ाई गई थी। सरकार ने किसी पात्र लाभार्थी को योजना से नहीं हटाया है। जिन्होंने ईकेवायसी पूरा नहीं किया, उनका भुगतान केवल प्रक्रिया पूरी होने तक रोका गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में भी स्पष्ट किया है कि पुरुष लाभार्थियों और सरकारी कर्मचारियों को छोड़कर अन्य किसी लाभार्थी से राशि की वसूली नहीं की जाएगी।

Follow Navbharatlive whatsapp