E20 पर वीडियो बनाने वालों पर होगी कार्रवाई! नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर किया डिफेमेशन केस| Navbharat Live

Updated On: Jul 27, 2026 | 04:45 PM IST

विज्ञापन

सार

E20 Policy Controversy: नितिन गडकरी ने E20 एथेनॉल नीति पर फर्जी व डीपफेक वीडियो बनाने वालों के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि केस दायर किया है। सोशल मीडिया से ऐसे कंटेंट को हटाने की मांग भी की है।

nitin gadkari files defamation case in bombay hc over e20 deepfake videos

नितिन गडकरी (सोर्स: सोशल मीडिया)

विस्तार

Nitin Gadkari Files Defamation Case: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है। फिलहाल, हाईकोर्ट ने गडकरी की याचिका को मंजूर किया है और अंतरिम राहत की मांग पर सुनवाई तय की है। यह मामला एआई से बने कथित डीपफेक वीडियो और सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट से जुड़ा है, जिनमें नितिन गडकरी और उनके परिवार को ई20 एथेनॉल पॉलिसी से जोड़ा गया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने याचिका में विवादित सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने की मांग की है।

नितिन गडकरी ने इस मामले में फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स को प्रतिवादी बनाया है। याचिका के अनुसार, सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो में दावा किया गया है कि गडकरी और उनके परिवार के सदस्यों को केंद्र सरकार की एथेनॉल पॉलिसी से आर्थिक लाभ हुआ है।

आरोपों को बताया बेबुनियाद, दिए तथ्य

हालांकि, इन आरोपों को केंद्रीय मंत्री ने बेबुनियाद और झूठ करार दिया है। उन्होंने कहा कि ये आरोप जनता को गुमराह करने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए गढ़े गए हैं। अपनी याचिका में गडकरी ने कहा कि ई20 एथेनॉल पॉलिसी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आती है, न कि सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय में है। इस वजह से ये आरोप तथ्यों के आधार पर गलत हैं।

सम्बंधित ख़बरें

डीपफेक वीडियो और पोस्ट हटाने की मांग

नितिन गडकरी कहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री के जरिए उन्हें सरकारी नीतिगत फैसलों और कथित निजी लाभ से गलत तरीके से जोड़कर भ्रामक माहौल बनाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कोर्ट से डिजिटल प्लेटफॉर्म से डीपफेक वीडियो और संबंधित पोस्ट को तुरंत हटाने का निर्देश देने की मांग की है।

यह भी पढ़ें: Anti Paper Leak Bill: नया कानून नहीं गारंटी चाहिए, कानून तो टूटने के लिए ही बनता है, संजय राउत का बयान

उन्होंने ऐसी सामग्री के आगे प्रसार, शेयर करने और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाने की भी मांग की। साथ ही, उन्होंने इसे तैयार और प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया है।

क्या है केंद्र सरकार की E20 नीति?

बता दें कि ई20 नीति केंद्र सरकार की व्यापक ऊर्जा परिवर्तन रणनीति का एक अहम हिस्सा है।  ई20 ईंधन में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। इसका मकसद आयातित कच्चे तेल पर भारत की निर्भरता कम करना, गाड़ियों से होने वाले उत्सर्जन को घटाना और घरेलू बायो-फ्यूल उत्पादन को बढ़ावा देना है। सरकार ऊर्जा सुरक्षा को बेहतर बनाने और कार्बन एमीशन को कम करने की कोशिशों के तहत एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दे रही है।

Follow Navbharatlive whatsapp