Ed Raid: MP में पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा से जुड़े ठिकानों पर ED की रेड, NHAI टोल में फर्जीवाड़े की जांच
MP toll plaza fake receipt scam: प्रवर्तन निदेशालय (ed raid) ने NHAI के टोल प्लाजा (mp fake receipt scam) से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई शुरू की। एजेंसी की टीमें मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) समेत देश के 14 राज्यों में एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी ले रही हैं।
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में कार्रवाई का कनेक्शन नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा नेशनल हाईवे (Narsinghpur-Chhindwara National Highway) की टोल वसूली से बताया जा रहा है। इस मामले में पूर्व कांग्रेस विधायक संजय शर्मा (Former Congress MLA Sanjay Sharma) से जुड़ी कंपनी की भूमिका जांच के घेरे में है।
संजय शर्मा से जुड़े 3 ठिकानों पर पहुंची टीम
ED की टीम ने पूर्व विधायक संजय शर्मा (Former Congress MLA Sanjay Sharma) से संबंधित तीन स्थानों पर सर्चिंग की है। इनमें नरसिंहपुर-छिंदवाड़ा हाईवे से जुड़े ठिकानों के अलावा तेंदूखेड़ा और देवरी स्थित कार्यालय शामिल हैं।
तलाशी के दौरान अधिकारी कार्यालयों में मौजूद दस्तावेज, कंप्यूटर और अन्य रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। जांच टीम कथित टोल फर्जीवाड़े से जुड़े वित्तीय लेनदेन और डिजिटल रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर रही है।
अनधिकृत सॉफ्टवेयर से फर्जी टोल रसीद बनाई
ED की जांच में सामने आया है कि टोल वसूली के दौरान कथित तौर पर अधिकृत सिस्टम के बजाय एक अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इस सॉफ्टवेयर के जरिए ऐसी टोल रसीदें तैयार की गईं, जिनका रिकॉर्ड NHAI के आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम में दर्ज नहीं हुआ।
जांच एजेंसी के मुताबिक फॉरेंसिक जांच और NHAI के रिकॉर्ड की पड़ताल में इस अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल के संकेत मिले हैं। ED अब यह पता लगाने में जुटी है कि टोल से वसूली गई रकम का कितना हिस्सा आधिकारिक सिस्टम से बाहर रखा गया और उसका लाभ किन लोगों को मिला।
डिजिटल रिकॉर्ड और दस्तावेज खंगाल रही ED
तलाशी के दौरान ED की टीमें दस्तावेजों के साथ कंप्यूटर, डिजिटल डाटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। एजेंसी कथित अपराध से अर्जित रकम और उससे जुड़े लाभार्थियों की भी जानकारी जुटा रही है।
देश के 14 राज्यों में एक साथ सर्च ऑपरेशन
ED के लखनऊ जोनल कार्यालय के नेतृत्व में यह कार्रवाई कई राज्यों में एक साथ चल रही है। तलाशी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, NCR और कोलकाता समेत विभिन्न स्थानों पर की जा रही है।
यह कार्रवाई PMLA की धारा 17 के तहत की जा रही है। जांच का आधार 22 जनवरी 2025 को दर्ज FIR संख्या 17 और 19 मई 2025 को दर्ज ECIR संख्या ECIR/ASZO/04/2025 को बनाया गया है।
ED की जांच फिलहाल टोल वसूली से जुड़े कथित फर्जीवाड़े, अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल, रकम के डायवर्जन और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर केंद्रित है।