लोन की EMI नहीं भरी तो क्या होगा? फोन लॉक से बैंक की धमकी तक जानिए RBI के 6 बड़े बदलाव
Loan EMI Default Rules: लोन की किस्त बाउंस होने पर बैंक क्या कर सकता है और क्या नहीं? जानिए फोन लॉक, डेटा प्राइवेसी और रिकवरी एजेंटों की मनमानी पर RBI के नए नियम।
RBI Loan Recovery New Guidelines: स्मार्टफोन हो, घर का सामान या पर्सनल जरूरत, आज के समय में ऑनलाइन लोन या आसान किस्तों (EMI) पर चीजें लेना बेहद आम हो चुका है। लेकिन अगर नौकरी छूटने, बीमारी या किसी मजबूरी के चलते आपकी किस्त अटक जाए, तो अक्सर देखा गया है कि रिकवरी एजेंट डराने-धमकाने लगते हैं। RBI ने ऐसी हरकतों पर पूरी तरह लगाम कस दी है। 1 जनवरी, 2027 से नए नियम लागू होंगे। इसके बाद बैंक या रिकवरी एजेंट की मनमानी रूक जाएगी और वे घर बदसलूकी भी नहीं कर पाएंगे। आइए जानते हैं भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोन रिकवरी के क्या सख्त नियम तय किए हैं> लोन न चुका पाने पर आपके क्या अधिकार हैं और बैंक क्या कर सकते हैं क्या नहीं...
लोन न चुकाने पर अब नहीं चलेगी वसूली की मनमानी
- नए नियम आने के बाद बैंक या लोन ऐप अब दूर बैठे आपका स्मार्टफोन ब्लॉक नहीं कर सकेंगे।
- आपके मोबाइल में मौजूद पर्सनल फोटो, SMS, लोकेशन या फोनबुक के कॉन्टैक्ट्स का इस्तेमाल वसूली के दबाव के लिए नहीं किया जा सकता है।
- बैंक एजेंट आपके परिवार, दोस्तों या दफ्तर के साथियों को फोन करके आपको बदनाम या परेशान नहीं कर सकते हैं।
- बैंक अब आपको दिनभर बार-बार कॉल करके परेशान नहीं कर सकते। उन्हें हर बातचीत का रिकॉर्ड रखना होगा।
- बैंक किसी भी ग्राहक के साथ गाली-गलौज या धमकाने या बदसलूकी नहीं कर पाएंगे।
- अगर आपने फोन या लैपटॉप ही किस्त पर लिया है, तब भी डिफॉल्ट होने पर बैंक बिना पहले नोटिस दिए कार्रवाई नहीं कर सकता है।
डिवाइस पर रोक लगी, तो भी ये जरूरी सुविधाएं चालू रहेंगी
अगर कोई गैजेट लोन पर ही खरीदा गया है और बैंक एग्रीमेंट की शर्तों के तहत उस पर तकनीकी रोक लगाता है, तब भी कुछ चीजें चालू रहेंगी। ऐसी कंडीशन में..
- इमरजेंसी SOS अलर्ट चालू रहेगा।
- सरकारी और पब्लिक सेफ्टी नोटिफिकेशन्स मिलते रहेंगे।
- इनकमिंग कॉल्स पर कोई रोक नहीं होगी।
- इंटरनेट सर्विस पूरी तरह बंद नहीं की जा सकेगी।
ये नए नियम किन-किन लोन पर लागू होंगे?
नया नियम RBI के दायरे में आने वाले सभी सरकारी-प्राइवेट बैंकों, NBFCs और डिजिटल लेंडिंग ऐप्स पर लागू होगी।
- पर्सनल लोन
- कार या ऑटो लोन
- होम लोन
- एजुकेशन लोन
- गोल्ड लोन
- EMI पर खरीदे गए इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य सामान
क्या किस्त न भरने पर बैंक कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगा?
RBI के दिशा-निर्देश के अनुसार, कस्टमर से सम्मान के साथ पेश आना होगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आपकी कर्ज माफ कर दी जाएगी। अगर किस्त लगातार नहीं भरी जाती है, तो बैंक कानूनी दायरे में रहकर कुछ कदम उठा सकते हैं।
EMI न भरने पर बैंक क्या-क्या एक्शन ले सकते हैं?
- सबसे पहले आपको भुगतान के लिए रिमाइंडर मैसेज और फोन कॉल किए जाएंगे।
- रजिस्टर्ड और तय नियमों का पालन करने वाले रिकवरी एजेंट नियुक्त किए जा सकते हैं।
- किस्त न चुकाने की रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो (CIBIL) को भेजी जाएगी।
- बैंक कानूनी नोटिस भेजकर कोर्ट के जरिए रिकवरी की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
क्या बैंक आपकी कार या मकान जब्त कर सकता है?
अगर आपने होम लोन या कार लोन लिया है (जो संपत्ति गिरवी रखकर मिलता है), तो लगातार डिफॉल्ट पर बैंक कानूनी नोटिस देकर संपत्ति पर कार्रवाई कर सकता है। लेकिन पर्सनल लोन जैसे अनसिक्योर्ड लोन में बैंक सीधे आपके घर या सामान पर दावा नहीं कर सकता है।
किस्त न चुकाने पर ग्राहक का क्या नुकसान होता है?
खराब CIBIL स्कोर: सिबिल स्कोर खराब होते ही भविष्य में किसी भी बैंक से लोन या क्रेडिट कार्ड मिलना नामुमकिन हो जाता है।
पेनल्टी और ब्याज का बोझ: हर मिस हुई किस्त पर लेट फीस, पेनल्टी और एक्स्ट्रा ब्याज जुड़ने से कर्ज का बोझ बढ़ जाता है।
लीगल नोटिस का झंझट: लगातार डिफॉल्ट होने पर कानूनी मुकदमों का सामना करना पड़ सकता है।
लोन लेते समय इन 5 बातों का ध्यान रखें
- अपनी कमाई और बजट देखकर ही उतना लोन लें, जिसकी किस्त हर महीने आसानी से भर सकें।
- साइन करने से पहले ब्याज दर, लेट फीस और रिकवरी की सभी शर्तों को ठीक से समझें।
- अगर किसी महीने पैसे की तंगी हो, तो फोन बंद करने के बजाय खुद बैंक शाखा जाकर रीपेमेंट का समय या रीस्ट्रक्चरिंग की बात करें।
- बैंक के किसी भी ऑफिशियल रिमाइंडर या नोटिस का समय पर जवाब दें।
- अपना क्रेडिट स्कोर (CIBIL) समय-समय पर चेक करते रहें।