EOW की बड़ी कार्रवाई: एमवाय के बर्खास्त फार्मासिस्ट के पास मिली 10 करोड़ रुपए की संपत्ति; रईसों की कॉलोनियों में 6 प्लॉट - Indore News

  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Indore
  • Dismissed MY Pharmacist Found With Assets Worth Rs 10 Crore; Six Plots In Elite Colonies

इंदौर44 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
कार्रवाई के दौरान राकेश के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी। - Dainik Bhaskar

कार्रवाई के दौरान राकेश के चेहरे पर शिकन तक नहीं थी।

  • टीम के लिए खुद गेट खोला फिर कुर्सी पर बैठ पूरा सर्च वारंट पढ़ा

एमवाय अस्पताल से बर्खास्त फार्मासिस्ट राकेश गोरखे के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बुधवार को छापा मारा। सुबह 6 बजे टीम उसके घर (वृंदावन गार्डन, स्कीम नंबर-140) पहुंची थी। डोरबेल बजाने पर राकेश ने ही दरवाजा खोला। ईओडब्ल्यू लिखी जैकेट पहने टीम दिखी तो वह समझ नहीं पाया कि इतने लोग क्यों आए हैं। उसे बताया गया कि आय से अधिक संपत्ति के आरोप में सर्च वारंट है। राकेश ने वारंट लिया और पहले पूरा पढ़ा। फिर टीम के सदस्यों से कहा कि आपको बहुत गलत जानकारी है। मैं तो सीधी-सादी नौकरी करता हूं।

मेरे पास कुछ भी अवैध नहीं है। टीम ने घर में जांच शुरू की। शहर की लक्जरी टाउनशिप में जहां रईसों ने निवेश कर रखा है, वहां गोरखे के भी प्लॉट मिले। ईओडबल्यू एसपी रामेश्वर सिंह के निर्देशन में पूरी कार्रवाई की गई। डीएसपी प्रीतम सिंह के मुताबिक, राकेश की कुल वैध आय 1 करोड़ 11 लाख 31 हजार 383 रुपए रही। इसी अवधि में उसने बाजार भाव से 8 से 10 करोड़ की संपत्ति खरीदी। गोरखे पर आरोप है कि सरकारी दवाओं के स्टॉक में भ्रष्टाचार कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की गई।

EOW टीम से बोला-आपको गलत जानकारी, मैं तो सीधी-सादी नौकरी करता हूं

क्या है चैक पीरियड-जांच एजेंसियां (CBI, EOW या पुलिस) किसी खास तारीख से दूसरी तारीख तक व्यक्ति की कुल कमाई और खर्च या निवेश का पूरा हिसाब लगाती हैं। इस अवधि को चैक पीरियड कहते हैं। यदि इस तय अवधि में खर्च और बनाई गई संपत्ति आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई जाती है, तो उसे अवैध या अनुपातहीन संपत्ति माना जाता है।

2007 में हुई थी राकेश की नियुक्ति

राकेश की नियुक्ति वर्ष 2007 में हुई थी। वर्ष 2015 में मासिक वेतन 18,711 रुपए था। वर्ष 2025 में यह 54,664 हो गया। प|ी कीर्ति वर्ष 2010 से शा. दंत चिकित्सालय में लाइब्रेरियन हैं। वर्तमान वेतन 42,402 रु. प्रतिमाह है।

4-5 करोड़ इधर-उधर होने की सूचना

सूत्रों के मुताबिक गोरखे ने एक प्लॉट का आधा हिस्सा 4-5 करोड़ रुपए में बेचा था। इसका पैसा उसे नकदी में मिला था। छापे में उसके घर में महज 1 लाख 51 हजार रुपए ही नकदी के रूप में मिले हैं। गोरखे के जानने वालों का कहना है कि उसे कार्रवाई की भनक लग गई थी। टीम ने उसके घर में चार से पांच घंटे तक सर्चिंग की, लेकिन उतनी नकदी, ज्वेलरी नहीं मिली। गुरुवार को उसके बैंक खातों की भी जांच की जाएगी। गोरखे के करीबी रिश्तेदार, साथियों पर भी नजर रखी जा रही है।

अब तक चिह्नित संपत्तियां

  • वृंदावन गार्डन, स्कीम नंबर-140 में 1000 वर्गफीट पर बना दो मंजिला मकान।
  • 44, संघवी रेजीडेंसी, बिचौली मर्दाना में 2337 वर्गफीट का प्लॉट।
  • प्लॉट नंबर-23, सद्गुरु नंदी विहार, बड़ियाकीमा में 1571 वर्गफीट का प्लॉट।
  • प्लॉट नंबर-198, साकार एनआरआई सिटी में 8000 वर्गफीट का प्लॉट।
  • प्लॉट नंबर-226, साहिल इंद्रांचल होम्स में 1302 वर्गफीट का प्लॉट। 1.51 लाख नकद।

थाईलैंड यात्रा भी जांच के दायरे में

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने खरीदी गई कई संपत्तियों की जानकारी नियमानुसार अपने विभाग को नहीं दी। पासपोर्ट की जांच में अक्टूबर 2023 की थाईलैंड यात्रा का भी पता चला है। EOW का कहना है कि इस यात्रा के लिए विभागीय अनुमति नहीं ली गई थी। यात्रा पर हुए खर्च को भी जांच में शामिल किया जाएगा। छापे की कार्रवाई और वित्तीय जांच अभी जारी है।

डीन के पीए से की थी मारपीट, इस साल अप्रैल में किया बर्खास्त

राकेश गोरखे चिकित्सा शिक्षा विभाग में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के पद पर नियुक्त हुआ था। कॉलेज के स्टोर का अतिरिक्त प्रभार रहा। 27 जून 2025 को डीन कार्यालय में ई-मेल को लेकर गोरखे, तत्कालीन डीन के पीए (रीडर) भावेश उपाध्याय में मारपीट हो गई थी। शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। विभागीय जांच में दोषी पाए जाने पर 29 अप्रैल 2026 को बर्खास्त कर दिया गया था।

.