नौकरी छोड़ने के बाद कब बंद होता है EPF का ब्याज? जान लें EPFO का नियम

नौकरी छोड़ने के बाद कब बंद होता है EPF का ब्याज? जान लें EPFO का नियम

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के करोड़ों सदस्य अक्सर यह सवाल पूछते हैं कि नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट के बाद उनके EPF खाते पर ब्याज कब तक मिलता है. कई लोगों को लगता है कि नौकरी छूटते ही या रिटायरमेंट के तुरंत बाद ब्याज मिलना बंद हो जाता है, लेकिन EPFO के नियम इससे अलग हैं. संगठन ने स्पष्ट किया है कि केवल योगदान (Contribution) रुक जाने से ब्याज बंद नहीं होता. हालांकि, कुछ परिस्थितियों में एक तय अवधि के बाद खाता “इनऑपरेटिव” (निष्क्रिय) हो जाता है और उसके बाद उस पर ब्याज नहीं मिलता.

नौकरी छोड़ने के बाद भी मिलता है ब्याज

यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है, कुछ समय के लिए बेरोजगार हो जाता है या करियर ब्रेक लेता है, तो उसके EPF खाते में नया योगदान भले ही न आए, लेकिन खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है. यानी योगदान बंद होने और ब्याज बंद होने का कोई सीधा संबंध नहीं है. इसलिए नौकरी बदलने या कुछ समय तक नौकरी न होने की स्थिति में भी कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है. उनका EPF बैलेंस नियमों के अनुसार ब्याज अर्जित करता रहता है.

रिटायरमेंट के बाद कब बंद होता है ब्याज?

EPFO के नियमों के मुताबिक, यदि कोई कर्मचारी 55 वर्ष या उसके बाद रिटायर होता है, तो उसका EPF खाता रिटायरमेंट की तारीख से 36 महीने (तीन साल) तक सक्रिय माना जाता है. इस अवधि के दौरान खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है. यदि इस अवधि के भीतर राशि नहीं निकाली जाती या खाते का निपटान नहीं होता, तो खाता इनऑपरेटिव माना जाता है. इसके बाद उस खाते में आगे ब्याज नहीं जोड़ा जाता.

इनऑपरेटिव अकाउंट क्या होता है?

इनऑपरेटिव अकाउंट वह EPF खाता होता है, जिसमें लंबे समय तक कोई दावा (Claim) या लेनदेन नहीं होता. ऐसे खाते पर EPFO आगे ब्याज देना बंद कर देता है. हालांकि, खाते में जमा मूल राशि सुरक्षित रहती है और सदस्य बाद में भी नियमों के तहत उसका दावा कर सकता है.

कर्मचारियों को क्या करना चाहिए?

विशेषज्ञों का कहना है कि नौकरी बदलने पर पुराने EPF खाते को नए नियोक्ता के खाते से UAN के जरिए ट्रांसफर कर देना चाहिए. वहीं, रिटायरमेंट के बाद भी खाते की स्थिति पर नियमित नजर रखना जरूरी है. यदि निकासी करनी है, तो समय पर क्लेम दाखिल करना बेहतर रहता है ताकि ब्याज से जुड़ा कोई नुकसान न हो.

EPFO के नियमों की सही जानकारी होने से कर्मचारी अपनी रिटायरमेंट बचत का बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं. इसलिए नौकरी छोड़ने या रिटायर होने के बाद यह मान लेना कि EPF पर ब्याज तुरंत बंद हो जाएगा, सही नहीं है. नियमों के अनुसार तय अवधि तक ब्याज मिलता रहता है, लेकिन खाते को लंबे समय तक निष्क्रिय छोड़ने से भविष्य में ब्याज का लाभ बंद हो सकता है.

कन्हैया पचौरी

कन्हैया पचौरी

कन्हैया पचौरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट, टीवी और ऑनलाइन मीडिया में 10 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने प्रिंट पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और पिछले कुछ वर्षों से उन्होंने टेक और ऑटो सेक्शन को कवर कर रहे हैं. वह टेक्नोलॉजी पर बारीकी से रिसर्च करते है और लेटेस्ट ट्रेंड्स और डेवलपमेंट्स पर नजर रखते हैं. वर्तमान में, कन्हैया टीवी9 के साथ जुड़े हुए हैं, यहां ये टेक और ऑटो सेक्शन कवर कर रहे हैं. उन्होंने इंडस्ट्री में लेटेस्ट डेवलपमेंट के गहन कवरेज करने को लेकर अपना नाम बनाया है. यूजर्स को किसी भी न्यूज की पूरी और सही जानकारी देने में तत्पर हैं. जब वह टेक्नोलॉजी पर काम नहीं कर रहे होते हैं तो अपने शौक पूरे करने में उन्हें अच्छा लगता है. उन्हें म्यूजिक सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. उनका मानना है कि काम में व्यस्त दिन के बाद म्यूजिक और किताबें आराम करने का एक शानदार तरीका है.

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