फरीदाबाद ESIC में गहराया संकट: मेडिकल कार्ड न मिलने से 400 डॉक्टर काम छोड़ हड़ताल पर उतरे, दिल्ली कूच की चेतावनी - Haribhoomi
इलाज न मिलने पर साथी डॉक्टर का प्राइवेट हॉस्पिटल में कराना पड़ा ऑपरेशन, हड़ताल से OPD, IPD से लेकर ICU तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप, कल तक का अल्टीमेटम दिया।
फरीदाबाद केहड़ताल पर बैठे रेजिडेंट डॉक्टर।
- Published: 21 Sep 2026, 06:03 PM IST
- Last Updated: 21 Sep 2026, 06:03 PM IST
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित एनआईटी-3 के ईएसआईसी (ESIC) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों ने व्यापक स्तर पर कामबंद हड़ताल शुरू कर दी है।
खुद के मेडिकल बेनिफिट कार्ड न बनने और आपात स्थिति में उचित इलाज सुविधाएं न मुहैया कराए जाने के विरोध में लगभग 400 रेजिडेंट डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है। डॉक्टरों की स्पष्ट मांग है कि जब तक प्रबंधन उन्हें समस्त स्वास्थ्य लाभ देने की लिखित गारंटी नहीं देता, तब तक यह आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
OT में डॉक्टर की बिगड़ी तबीयत, निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाना पड़ा
विवाद की मुख्य जड़ 19 सितंबर को हुई एक घटना है। जनरल सर्जरी विभाग में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टर विवेक जांगड़ा की ऑपरेशन थिएटर (OT) में ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। सहकर्मियों के अनुसार मेडिकल बेनिफिट कार्ड जारी न होने की वजह से उन्हें संस्थान में समय पर जरूरी चिकित्सीय मदद, एंबुलेंस तथा विशेषज्ञ डॉक्टर की सुविधा नहीं मिल सकी।
हालत बेहद नाजुक होने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां उनका ऑपरेशन कराया गया। इस वाकये के बाद साथी डॉक्टरों का गुस्सा भड़क उठा। डॉक्टरों का तर्क है कि जब अस्पताल में दिन-रात सेवाएं देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को ही संकट के समय इलाज न मिले, तो यह बेहद गंभीर व्यवस्थागत विफलता है।
स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं, रोज आने वाले 4,500 मरीज परेशान
आंदोलन में पोस्ट ग्रेजुएट (PG), सीनियर रेजिडेंट, अंडर ग्रेजुएट (UG) और इंटर्न डॉक्टर पूरी तरह शामिल हैं। इसके चलते ओपीडी (OPD), आईपीडी (IPD), इमरजेंसी और आईसीयू में भर्ती मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि फरीदाबाद का यह ईएसआईसी अस्पताल एक बड़ा रेफरल केंद्र है, जहां रोजाना करीब 4,500 मरीज पहुंचते हैं। यहां न केवल फरीदाबाद और पलवल, बल्कि दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, होडल, पानीपत, सोनीपत तथा रेवाड़ी तक से मरीज इलाज के लिए आते हैं। डॉक्टरों की हड़ताल से इस विशाल मरीज वर्ग की देखभाल पूरी तरह ठप पड़ गई है।
पहले भी उठाई थी मांग, समाधान न होने पर लिया हड़ताल का निर्णय
ऑर्थोपेडिक विभाग के डॉक्टर कविंद्र सिंह रोहिल्ला ने बताया कि संस्थान में कार्यरत लगभग 400 रेजिडेंट डॉक्टरों के पूर्ण मेडिकल बेनिफिट कार्ड अभी तक नहीं बनाए गए हैं। इस वजह से जब भी डॉक्टरों को चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता पड़ती है, उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है। उन्होंने साफ किया कि इस मुद्दे पर पहले भी कई बार प्रबंधन को अवगत कराया जा चुका था, परंतु कोई सुनवाई न होने के कारण अंततः हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।
प्रबंधन ने उच्च अधिकारियों को भेजी फाइल
ईएसआईसी के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संदीप कुमार ने स्वीकार किया कि रेजिडेंट डॉक्टरों की मुख्य मांग पूर्ण मेडिकल लाभ पाने की है। उन्होंने कहा कि प्रकरण से संबंधित दस्तावेज और फाइल उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दी गई है, और वहां से निर्देश मिलते ही आगे का कदम उठाया जाएगा।
दूसरी ओर, स्थिति को संभालने के लिए डीन डॉ. कालिदास चव्हाण भी डॉक्टरों से बातचीत करने पहुंचे। हालांकि, हड़ताली डॉक्टरों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक उनकी मांगों पर ठोस और लिखित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इमरजेंसी सेवाएं भी पूरी तरह बंद कर देंगे और आवश्यकता पड़ने पर दिल्ली की ओर कूच करेंगे।