दलाई लामा के जीवन और विरासत पर किताब 'Eternal Light' लॉन्च, जानें किसने लिखी बुक

दलाई लामा के जीवन और विरासत पर किताब ‘Eternal Light’ लॉन्च, जानें किसने लिखी बुक

दलाई लामाImage Credit source: PTI (फाइल फोटो)

तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के जीवन और विरासत पर आधारित किताब ‘इटरनल लाइट: द लाइफ एंड लीगेसी ऑफ द 14th दलाई लामा’ का विमोचन कार्यक्रम गुरुवार को दिल्ली में आयोजित किया गया. इस किताब को वरिष्ठ पत्रकार और लेखक अरविंद यादव ने लिखा है और इसे वेस्टलैंड बुक्स ने प्रकाशित किया है. किताब में दलाई लामा के जीवन, उनके आध्यात्मिक सफर और उनकी विरासत के बारे में बताया गया है. विमोचन कार्यक्रम में गेशे चोपा तेनजिन ल्हाड्रोन के नेतृत्व में लॉन्ग-लाइफ प्रेयर हुई. इसके बाद पद्मश्री प्रो. नगावांग सामतेन और डॉ. अरविंद यादव ने दलाई लामा के जीवन और उनकी विरासत पर अपने विचार रखे.

किताब का औपचारिक विमोचन पद्म विभूषण डॉ. करण सिंह की मौजूदगी में हुआ. उन्होंने कार्यक्रम में अपना संबोधन भी दिया. कार्यक्रम में दलाई लामा के असाधारण जीवन, उनके आध्यात्मिक संदेश और दुनिया भर में उनके प्रभाव को याद किया गया.

किताब के लेखक ने क्या कहा?

किताब के लेखक ने कहा कि यह बायोग्राफी सभी को पढ़नी चाहिए. अरविंद यादव ने किताब के कुछ अंश पढ़कर भी सुनाए और तिब्बत के बारे में वहां के रिचुअल्स, प्रेयर्स और वाहन के जीवन के बारे में बताया. उन्होंने कहा, दलाई लामा ने सच और कम्पैशन की लड़ाई लड़ी है. उनके विचारों ने लोगों को प्रभावित किया है. दुनिया में जहां भी तिब्बत के लोग बसे, उन्होंने वहां एक छोटा तिब्बत बना लिया है. तिब्बत के आर्ट, मंत्र-तंत्र सिर्फ किताबी बातें नहीं बल्कि वास्तविक संस्कृति के हिस्सा हैं.

उन्होंने कहा कि दलाई लामा ने दुनिया में नॉन वायलेंस से जीवन जीना सिखाया, वो एक राजनेता नहीं हैं, लेकिन उन्होंने दुनिया को मार्ग दिखाने का काम किया है. उन्होंने कभी जीवन में उम्मीद नहीं खोयी, उन्होंने लीडरशिप को डिफाइन किया. वो महान इंसान हैं, उन्होंने खुशी का रास्ता दुनिया को दिखाया.

दलाई लामा के जीवन ने हर जनरेशन को किया प्रभावित

अपने संबोधन में किताब की पब्लिशर मीनाक्षी ठाकुर ने कहा, ‘इतनी बायोग्राफी है, फिर भी हमने इसको छापने का फैसला किया, क्योंकि इस किताब को दलाई लामा का आशीर्वाद प्राप्त है. उनके जीवन ने हर जनरेशन को प्रभावित किया है. उनकी यात्रा कम्पैशन सिखाती है. उनका जीवन समय के साथ इवॉल्व होता है’.

दलाई लामा पर फिल्म बनाने की मांग

पवन वर्मा ने कहा कि ‘यह किताब पढ़कर मुझे दलाई लामा के करेज के बारे में पता चलता है. उनके फैसले जिनमें गंभीर रिस्क था, फिर भी वो पीछे नहीं रहे. दलाई लामा और महात्मा गांधी दोनों ने ही डायलॉग की बात कही है, नॉन वायलेंस पर बात की है. दलाई लामा ने हमेशा ‘बातचीत’ की बात कही है, चाहे चीन का मसला हो या तिब्बत का. तिब्बत भले ही चीन का हिस्सा हो पर तिब्बती लोग की भावना किसी एक राष्ट्र की नहीं है. दलाई लामा पर तो एक फिल्म बननी चाहिए’.

वहीं, डॉ. करण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दलाई लामा करुणा, शांति और प्रेम का संदेश दुनिया तक ले गए हैं. उन्होंने दलाई लामा को बौद्ध धर्म के साथ-साथ विश्व समुदाय के लिए शांति और करुणा की आवाज के रूप में पेश किया.

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शिवांग माथुर

शिवांग माथुर

शिवांग माथुर टीवी 9 भारतवर्ष में एसोसियेट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं.

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